मुख्यमंत्री मायावती नसीमुद्दीन सिद्दीकी को बर्खास्त करें - काँग्रेस
राजनीति 5:42 pm
उप्र कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन एवं बांदा के सदर विधायक विवेक कुमार सिंह ने जारी एक बयान इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा लक्ष्मीकान्त ही हत्या के सन्दर्भ में दिये गये आदेश में नसीमुद्दीन सिद्दीकी की सीबीआई द्वारा जांच कराये जाने के बाद उप्र की मुख्यमंत्री मायावती को तत्काल सिद्दीकी को बर्खास्त कर देना चाहिए.
श्री सिंह ने कहा कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी के पास नैतिकता नाम की कोई चीज ही नहीं है अन्यथा उन्हें तो न्यायालय के फैसले के बाद नैतिकता के नाते तत्काल त्यागपत्र दे देना चाहिए था.
उन्होंने कहा कि लक्ष्मीकान्त की हत्या 14अगस्त 2010 को सुमेरपुर जनपद हमीरपुर में कर दी गयी थी. पुलिस ने आत्महत्या का केस बताते हुए प्राथमिकी दर्ज करने से इन्कार कर दिया था, तब मृतक के पिता रविकान्त गुप्ता ने सीजेएम हमीरपुर में धारा 156(3) के अन्तर्गत प्रार्थनापत्र दिया था, जिस पर न्यायालय ने जांच के आदेश दिये थे.
बाद में पुलिस ने लक्ष्मीकान्त के पिता रविकान्त को आरोपी बनाकर एक हफ्ते में ही चार्जशीट दाखिल कर दी थी. जबकि रविकान्त ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि मो. वसीम खां व थानाध्यक्ष हत्या के आरोपी हैं. यह नसीमुद्दीन के रिश्तेदार हैं. इसलिए घटना की जांच नहीं होने दे रहे हैं.
उच्च न्यायालय ने आनन-फानन में दाखिल आरोपत्र तथा रविकान्त गुप्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए सीबीआई से इसकी जांच कराये जाने के आदेश दिये हैं, इसके साथ ही जांच की निगरानी भी उच्च न्यायालय के देखरेख में होगी.
श्री सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे सरकार के दिन नजदीक होते जावेंगे, वैसे-वैसे हत्या, भ्रष्टाचार, जमीनों के कब्जे सहित तमाम आरोप भी खुलने लगेंगेय
उन्होंने कहा कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी एवं उनके परिजनों द्वारा बांदा सहित कई स्थानों पर जमीनों पर किये गये अवैध कब्जे तथा उनसे अर्जित धन एवं उनके लड़के द्वारा देश में एवं विदेशों में खरीदी गयी अकूत सम्पत्ति के बारे में उन्होने स्वयं प्रधानमंत्री को बांदा में आयोजित जनसभा के दौरान ज्ञापन देकर सीबीआई जांच कराये जाने की मांग की थी.
श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश की सरकार में मायावती के सबसे निकट सहयोगी के रूप में विख्यात सिद्दीकी को अपने पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है. जिस सरकार के 17 विधायक जेल में हों, मंत्रियों पर तमाम तरह के आरोप हों और उसके वरिष्ठ मंत्री पर सीबीआई जांच के आदेश उच्च न्यायालय ने दे दिये हों, उसे सरकार में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है.
उन्होंने कहा कि ऐसे में मायावती में यदि जरा सी भी नैतिकता बची हो तो वह नसीमुद्दीन सिद्दीकी को तत्काल बर्खास्त करें.

