दिल्ली : अमर सिंह के लिए सुप्रीम कोर्ट बना संकट
राजनीति, विशेष 3:24 pm
इसे अब सार्वजनिक किया जा सकता है. अगर किसी के पास वह सीडी है जिसमें उन्होंने विवादास्पद बातचीत की है, तो वह उसे प्रसारित कर सकता है.
27 फरवरी 2006 को सुप्रीम कोर्ट ने अमर सिंह की बातचीत के उस रिकार्डिंग के सार्वजनिक प्रसारण पर रोक लगा दी थी लेकिन आज न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति ए के गांगुली की खण्डपीठ ने अमर सिंह के उस बातचीत को सार्वजनिक किये जाने से स्टे आर्डर हटा लिया.
न सिर्फ स्टे आर्डर हटाया बल्कि बेंच ने यह भी कहा कि पुलिस चाहे तो रिलायंस इन्फोकॉम के खिलाफ केस भी दाखिल कर सकती है जिसने गैरकानूनी तरीके से बातचीत को रिकार्ड किया था.
लेकिन ऐसा लगता है कि सुप्रीम कोर्ट अमर सिंह से खासा नाराज है. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और शांति भूषण को सीडी के जरिए घेरनेवाले अमर सिंह पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि इस राजनीतिज्ञ (अमर सिंह) ने अदालत के सामने गलत तथ्य प्रस्तुत किये हैं.
2007 में अमर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करके उस टेप के प्रसारण पर रोक की मांग की थी जिसमें अमर सिंह की कई लोगों से बातचीत रिकार्ड थी. अमर सिंह ने आरोप लगाया था कि यह फोन टेपिंग सोनिया गांधी के इशारे पर की गयी थी.

