मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी कों पद से हटाया गया
राजनीति 2:33 pm
कई महीनों से जारी वस्तानवी के भविष्य को लेकर अटकलों पर रविवार को विराम लग गया जब 13 सदस्यों की एक बैठक में उनके खिलाफ फैसला लिया गया.
मजलिस-ए-शूरा के आठ सदस्यों ने वस्तानवी के खिलाफ तथा पांच सदस्यों ने समर्थन में मत दिया.
इस बीच वस्तानवी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि मुझे यह रिपोर्ट मंजूर नहीं है. उन्होंने रिपोर्ट को अधूरी बताया है. उनका कहना है कि दारुल उलूम के छात्र उनके खिलाफ नहीं हैं.
इससे पूर्व दारुल उलूम के मेहमानखाने में शनिवार को आयोजित मजलिस-ए-शूरा की एक बैठक में देर रात तक मोहतमिम (कुलपति) मौलाना गुलाम मुहम्मद वस्तानवी पर कोई फैसला नहीं हो सका था.
शनिवार को रिपोर्ट पर तीनों सदस्यों के बीच सहमति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी. तीनों सदस्यों को आम सहमति से एक रिपोर्ट तैयार करनी थी, लेकिन बैठक के दो दिन पहले (गुरुवार तक) तक ऐसा नहीं हो सका था.गौरतलब है कि 10 जनवरी को वस्तानवी को कुलपति चुना गया था. 23 फरवरी 11 को शूरा की बैठक में वस्तानवी मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एक समिति का गठन किया था. इसमें मुफ्ती मंजूर अहमद (कानपुर), मुफ्ती इस्माइल (मालेगांव) और मौलाना मलिक मोहम्मद इब्राहीम (चेन्नई) को शामिल हैं.
गौरतलब है कि दारुल उलूम देवबंद के कुलपति मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी मुसलमानों को गुजरात दंगों को भूलकर आगे बढ़ने की सलाह देने से विवादों में आए थे.

