9 सितंबर को होगी राजीव गांधी की हत्या के दोषियों को फांसी
राष्ट्रीय 10:39 am
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को इस सिलसिले में तमिलनाडु स्थित वेल्लोर केंद्रीय कारागार को पत्र भेज दिया है.तीनों दोषी मुरूगन, संथन और पेरारिवलन पिछले 20 वर्षों से जेल में बंद हैं.
खबरों के मुताबिक वेल्लोर के जेल अधीक्षक अरिवुदईनांबी ने शुक्रवार को बताया कि दोषियों को फांसी की तिथि की जानकारी दे दी गई है.
बताया जाता है कि फांसी की सजा माफ करने की बढ़ती मांग के बीच केंद्र सरकार ने उनकी दया याचिका निरस्त किए जाने के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. केंद्र सरकार ने तीनों दोषियों को फांसी की सजा बरकरार रखने का आदेश दे दिया है.
गौरतलब राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने 11 अगस्त को तीनों की क्षमा याचिका खारिज कर दी थी. ये राजीव गांधी की हत्या कराने वाले आतंकवादी संगठन लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल ईलम (लिट्टे) से जुड़े थे.
राजीव गांधी की 21 मई 1991 को चेन्नई के समीप श्रीपेरुमबुदूर की एक चुनावी रैली में एक महिला ने स्वयं को विस्फोटकों से उड़ा लिया था जिसमें राजीव गांधी की मौत हो गई थी. 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनके पुत्र राजीव गांधी भारी बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने थे.
उधर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता उन्हें फांसी की सजा से बचाने की आखिरी कवायद में जुट गुए हैं. मरूमलार्ची द्रविड मुनेत्न कषगम के नेता वाइको ने वेल्लोर कारागार में दोषियों से मुलाकात की. कानून के मुताबिक अधिसूचना जारी होने के सात दिन के भीतर दोषियों को फांसी दे दी जाती है.
चेन्नई में राजीव गांधी हत्याकांड में तीन लिट्टे अभियुक्तों के मृत्युदंड को वापस लेने की मांग करते हुए शुक्रवार को तीन वकील मद्रास उच्च न्यायालय परिसर में अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठ गए.
कयालविझी, वादिवाम्बल और सुजाता नामक इन तीनों वकीलों ने मृत्युदंड का प्रावधान खत्म करने की भी मांग की.
उच्चतम न्यायालय ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में लिट्टे समर्थक मुरूगन, सनथान, पेरारिवलन और नलिनी को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी. हालांकि बाद में शीर्ष अदालत ने नलिनी की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया.

