लवासा की हिल सिटी परियोजना को मंजूरी नहीं


पर्यावरण मंत्रालय ने पुणे के समीप लवासा की हिल सिटी परियोजना को मंजूरी देने से इनकार कर दिया.

मंत्रालय का कहना है जब तक पूर्व शर्तें का अनुपालन नहीं होता, पर्यावरण मंजूरी नहीं दी जा सकती.

मंत्रालय ने यह भी कहा कि 3,000 करोड़ रुपए की परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी पर अंतिम निर्णय महाराष्ट्र सरकार की इस मामले में कार्रवाई तथा बंबई उच्च न्यायालय के फैसले पर निर्भर करेगा. मामला अभी अदालत के विचाराधीन है. मंत्रालय का नया आदेश बंबई उच्च न्यायालय के पिछले महीने के निर्देश के बाद आया है.

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में मंत्रालय को लवासा कारपोरेशन के पुणे के समीप टाउनशिप परियोजना के आवेदन नियमन पर तीन सप्ताह के भीतर अंतिम निर्णय करने को कहा था.

मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन (ईआईए) अधिसूचना, 2006 के उल्लंघन पर ठोस कार्रवाई की पूर्व शर्त का अनुपालन नहीं किया गया है, इसीलिए मंत्रालय लवासा की 2,000 हेक्टेयर में बनने वाली हिल सिटी परियोजना के पहले चरण को पर्यावरण मंजूरी देने में असमर्थ है.

आदेश में कहा गया है, ‘पर्यावरण मंजूरी पर अंतिम निर्णय तबतक नहीं लिया जा सकता जबतक सभी पूर्व शतरें का अनुपालन नहीं किया जाता. इसमें महाराष्ट्र सरकार द्वारा ठोस कार्रवाई तथा बंबई उच्च न्यायालय का अंतिम आदेश भी शामिल है क्योंकि मामला अदालत में विचाराधीन है.’

मंत्रालय ने लवासा के चेयरमैन अजित गुलाबचंद की पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन के समक्ष दी गई इस दलील को भी मानने से इनकार कर दिया कि पर्यावरण मंजूरी मिलने से पहले कुछ अन्य परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू हो गया था.

पर्यावरण मंत्रालय के आदेश में कहा गया है, ‘लवासा परियोजना 2,000 हेक्टेयर में फैली है और यह पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है. इसमें बड़े पैमाने पर कटाई और जमीन की भराई होगी तथा फलस्वरूप जलनिकासी प्रतिरूप में बदलाव आ सकता है.’

इसमें कहा गया है कि पर्यावरण क्षरण का प्रभाव बड़े क्षेत्र पर व्याप्त है. इस प्रकार की परियोजनाओं के लिये पूर्व शतरें का अनुपालन जरूरी है. आदेश में कहा गया है कि लवासा की अन्य छोटी परियोजनाओं से तुलना उचित नहीं है क्योंकि यह परियोजना पूरी तरह अलग है.

Posted by गजेन्द्र सिंह at 12:30 pm.

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