अग्नि-2 बैलिस्टिक मिसाइल का प्रायोगिक परीक्षण सफल
ताजा खबरें, राष्ट्रीय 5:34 pm
परमाणु प्रतिरोध को और मजबूत बनाते हुए भारत ने मंगलवार को ओडिशा के निकट स्थित एक द्वीप से तीन हजार किलोमीटर की मारक क्षमता वाली अग्नि-2 बैलिस्टिक मिसाइल का प्रायोगिक परीक्षण किया. यह आधुनिक मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है.
रक्षा सूत्रों ने कहा कि बालेश्वर से 100 किलोमीटर की दूरी पर व्हीलर आयलैंड स्थित समेकित परीक्षण रेंज (आईटीआर) से सुबह नौ बजे सतह से सतह पर वार करने में सक्षम मध्यम दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइल का मोबाइल प्रक्षेपक से प्रायोगिक परीक्षण किया गया.
अग्नि-2 प्राइम नाम की इस नयी मिसाइल में दो स्तरीय हथियार प्रणाली है जो ठोस प्रणोदक (प्रपेलेंट) से चलती है. यह 20 मीटर लंबी और 17 टन वजनी है. यह एक टन का पैलोड ले जा सकती है. रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने दिल्ली में कहा कि अब से यह मिसाइल अग्नि-4 कहलायी जायेगी.
प्रायोगिक परीक्षण को सफल करार देते हुए रक्षा सूत्रों ने कहा कि डेटा हासिल होने, उनका विभिन्न पहलुओं से विश्लेषण करने तथा टर्मिनल केंद्र के निकट मौजूद नौसैन्य पोतों पर लगे ट्रेकिंग स्टेशनों से जानकारी मिलने के बाद ही मिसाइल का वास्तविक प्रदर्शन ज्ञात हो सकेगा.
सूत्रों ने कहा कि स्वदेश निर्मित अग्नि-2 मिसाइल से बेहतर सटीकता तथा सुधरी हुई मारक क्षमता मिलेगी. सूत्रों के अनुसार, अग्नि-2 मिसाइल की मारक क्षमता दो हजार किलोमीटर है, जबकि अग्नि-3 3,500 किलोमीटर की दूरी पर लक्ष्य भी साध सकती है.
अब इस नयी तरह की मिसाइल की मारक क्षमता तीन हजार किलोमीटर है जो अग्नि-2 और अग्नि-3 के बीच की खाई को पाट देती है.
डीआरडीओ के एक वैज्ञानिक ने कहा कि सटीकता के लिहाज से इसमें कुछ नयी खूबियां जोड़ी गयी हैं. इस अग्नि-2 प्राइम मिसाइल का पहला परीक्षण 10 दिसंबर 2010 को हुआ था लेकिन नियंत्रण प्रणाली में कुछ तकनीकी खामी के चलते यह विफल रहा था.

