पाकिस्तान के परमाणु हथियार सुरक्षित: ए.क्यू. खान
दुनिया, राजनीति 5:37 pm
समाचार पत्र 'डॉन' में रविवार को प्रकाशित खबर के अनुसार, खान ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षो में परमाणु हथियारों की सुरक्षा 'धीरे-धीरे बेहतर' हुई है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि परमाणु हथियार किसी एक स्थान पर नहीं रखे गए हैं. बहुत कम लोगों को उस स्थान के बारे में जानकारी है.
उन्होंने कहा, "ऐसे लोगों की संख्या उंगलियों पर गिनी जा सकती है. ये हथियार सुरंगों और सुरक्षित स्थानों पर रखे गए हैं, जहां चंद लोगों को छोड़कर कोई नहीं पहुंच सकता."
खान का बयान ऐसे वक्त में आया है जबकि पाकिस्तान में बढ़ती इस्लामिक हिंसा के बीच इसके परमाणु शस्त्रागार की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है.
समाचार पत्र से बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम पिछले 10 वर्षो से निर्बाध जारी है. उनके मुताबिक, "हालांकि पिछले 10 वर्ष से मैं परमाणु कार्यक्रम से नहीं जुड़ा हूं, लेकिन मैं जानता हूं कि यह निर्बाध चल रहा है और यूरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया प्रगति पर है."
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हालांकि पाकिस्तान 'नए परमाणु हथियारों को अंतिम रूप' नहीं दे रहा, लेकिन सामग्री तैयार की जा रही है और जरूरत पड़ने पर इसे किसी भी समय जोड़ा जा सकता है.
अमेरिका ने वर्ष 2000 में पाकिस्तान पर उत्तर कोरिया को बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक के बदले परमाणु हथियार तकनीक उपलब्ध कराने का आरोप लगा था. इसके एक वर्ष बाद पाकिस्तान सरकार ने खान को खान रिसर्च लैबोरेटरीज के प्रमुख के पद से बर्खास्त कर दिया.
जनवरी 2004 में पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक खान ने स्वीकार किया था कि उन्होंने लीबिया, ईरान और उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक की गोपनीय जानकारी बेची थी.
इसके बाद पांच फरवरी, 2004 को तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने खान को माफी देने की घोषणा की थी, जो अब भी राष्ट्रीय नायक के रूप में देखे जाते हैं.

