नई दिल्ली : 2 G से बड़े घोटाले से घबराया केंद्र
राजनीति 7:02 pm
नई दिल्ली कैग की मसौदा रिपोर्ट में तेल एवं गैस अनुबंधों से निजी कंपनियों को अनुचित फायदा पहुंचाने के खुलासे के बाद मनमोहन सिंह सरकार घबरा गई है। यह घोटाला 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले से भी बड़ा बताया जा रहा है। केंद्र सरकार ने बचाव के लिए पेट्रोलियम मंत्री एस. जयपाल रेड्डी को मैदान में उतारा। उन्हें प्रेस कान्फ्रेंस में ड्राफ्ट रिपोर्ट में उठाए गए सवालों का जवाब देना था। लेकिन रेड्डी की प्रेस कान्फ्रेंस उनकी इकलौती भांजी का निधन होने की वजह से रद्द कर दी गई।
यह आश्चर्यजनक है कि मीडिया को संबोधित करने के लिए गठित मंत्री समूह ने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि पहले संबंधित मंत्रालय को रिपोर्ट का जवाब देने दीजिए।
अप्रत्याशित फेरबदल से मिले थे संकेत : मुरली देवड़ा को अप्रत्याशित रूप से अपेक्षाकृत लो-प्रोफाइल मंत्रालय में भेजकर रेड्डी को पेट्रोलियम मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया था। तब ही लगा था कि कुछ महत्वपूर्ण होने वाला है। सचिव को भारी उद्योग मंत्रालय में भेज दिया गया था, जहां अपेक्षाकृत कोई काम नहीं होता।
इसी तरह पेट्रोलियम और गैस के महत्वपूर्ण मसलों को देख रहे संयुक्त सचिव का ट्रांसफर कर दिया। नए डायरेक्टर जनरल हाइड्रोकार्बन निजी कंपनियों के प्रति बेहद सख्त बताए जाते हैं।
सूत्रों के अनुसार जयपाल रेड्डी भी इस मामले में स्पष्टीकरण देने को शुरू में तैयार नहीं थे। वह आरआईएल, केयर्न इंडिया और अन्य कंपनियों से किए गए अनुबंधों के दौरान मंत्री नहीं थे। यहां तक कि सरकार की ओर से सभी मुद्दों पर जूझ रहे कपिल सिब्बल ने भी इस मामले से यह कह कर दूरी बना ली, मेरे हाथ भरे हुए हैं।
शुक्रवार को कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक में यह फैसला किया गया कि जयपाल रेड्डी ही शनिवार को मीडिया से मुखातिब होंगे और कैग के सवालों का जवाब देंगे। कोर कमेटी ने लोकपाल बिल और तेलंगाना के साथ ही आगामी हफ्तों में उठने वाले संभावित मुद्दों पर भी चर्चा की।

