नईदिल्ली : अन्ना हजारे ने राजघाट पर शुरू किया अनसन
राजनीति 1:56 pm
नई दिल्ली, आँखों देखी संवाददाता : योग गुरु बाबा रामदेव और उनके समर्थकों पर रामलीला मैदान में हुए पुलिसिया दमन के विरोध में बुधवार सुबह राजघाट पर अपने सैकड़ों समर्थकों की मौजूदगी में जाने-माने समाजसेवी अन्ना हजारे ने एक दिन का अनशन शुरू किया।
राजघाट जाने से पहले अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र सदन में कहा, "रामलीला में सरकार की कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला थी।"
अन्ना हजारे का अनशन सुबह 10 बजे शुरू होने वाला था, लेकिन लोगों ने सुबह सात बजे से राजघाट पर जमा होना शुरू कर दिया था। लोगों ने हाथों में तख्तियां थाम रखी थीं जिन पर लिखा था, "यह आजादी की दूसरी लड़ाई है।"
राजघाट में बड़ी तादाद में पुलिसकर्मी मौजूद थे। अनशन शाम छह बजे तक चलेगा।
अप्रैल में अन्ना हजारे के पांच दिन तक चले अनशन को देशभर में व्यापक समर्थन मिला था और सरकार को लोकपाल विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए एक समिति का गठन करना पड़ा था।
इससे पहले –
आज अन्ना हजारे आज जंतर-मंतर पर नहीं, बल्कि राजघाट पर एक दिन का उपवास रखेंगे। यह अनशन दिल्ली के रामलीला मैदान पर बाबा रामदेव के अनशन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया जा रहा है। दूसरी ओर, अन्ना हजारे के दल ने केंद्र सरकार के कड़े रुख को देखते हुए अपनी रणनीति बदल ली है। अब लोकपाल समिति के गैरसरकारी सदस्य बैठकों का बहिष्कार नहीं करेंगे।
अनशन के लिए लोगों का राजघाट पर आना शुरू हो गया है। वहीं, अन्ना हजारे सुबह 10 बजे आएंगे। राजघाट के बाहर एक हजार पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान भी इसमें शामिल है। पुलिस व्यव्स्था से लोगों में भय भी है। पहले यह अनशन जंतर मंतर पर होना था।
जंतर-मंतर नहीं, राजघाट पर अनशन कर सकते हैं अन्ना!
इससे पहले, बाबा रामदेव को दिल्ली से जबरन निकाले जाने के घटनाक्रम की प्रतिक्रिया में केंद्र सरकार पर हो रहे तीखे प्रहार थमने का नाम नहीं ले रहे हैं और इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अनशन के बाद अब बुधवार को गांधीवादी नेता अन्ना हजारे और उनके साथी बुधवार को राजघाट पर एकदिवसीय अनशन पर बैठेंगे।
अन्ना हजारे और उनके साथियों ने इस अनशन के लिए उसी जंतर-मंतर पर अनशन की अनुमति मांगी थी, जहां पिछले महीने पांच दिन तक चले अन्ना हजारे के अनशन को पूरे देश में व्यापक समर्थन मिला था। यहां अनशन की अनुमति नहीं मिलने पर अन्ना हजारे ने महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर अनशन एक दिवसीय अनशन का संकल्प जताया है।
जंतर-मंतर पर अनशन की मंजूरी नहीं मिलने पर अन्ना ने कहा था, "चाहे जो भी हो, मैं अनशन करूंगा।"
अन्ना हजारे और बाबा रामदेव के प्रति समर्थन दोहराते हुए भाजपा ने केंद्र सरकार पर हमले तेज किए हैं।
लोकपाल विधेयक: अन्ना और सरकार फिर आमने-सामने
राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास शक्तियां नहीं हैं और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी वास्तविक शक्तियों के अधिकार के बावजूद उत्तरदायी नहीं हैं।
अन्ना हजारे ने कहा है कि वे बुधवार को राजघाट पर सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक अनशन करेंगे। नागरिक अधिकार कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने पत्रकारों से कहा कि वे जंतर-मंतर पर अनशन करने पर अड़कर पुलिस से टकराव नहीं करना चाहते।
केजरीवाल ने कहा कि जनता के बीच यह संदेश गया है कि सरकार भ्रष्टाचारियों को बचा रही है।
केजरीवाल ने कहा, "मुझे लगता है कि सरकार ने जो किया उससे उसकी विश्वसनीयता खतरे में है।"
उन्होंने कहा, "सरकार को ज्यादा सहिष्णु होना चाहिए। हमारी भाषा अभद्र नहीं रही, लेकिन उन्हें इतना अभिमानी नहीं होना चाहिए। हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है हमारी लड़ाई व्यवस्था के खिलाफ है।"
बाबा रामदेव ‘संघ’ का मुखौटा हैं: कांग्रेस
दूसरी ओर बाबा रामदेव ने हरिद्वार स्थित अपने आश्रम में अनशन जारी रखा है, लेकिन शनिवार रात को की गई पुलिस कार्रवाई के लिए सरकार को माफ भी कर दिया है। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
उन्होंने अन्ना हजारे के प्रति समर्थन व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा, "सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दमन का प्रयास कर रही है, लेकिन कल मेरे हजारों समर्थन अन्ना हजारे के अनशन में हिस्सा लेंगे।" उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे और वे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक साथ हैं।

