नीलकंठ मंदिर को उड़ाने की धमकी से हड़कंप
आध्यात्म 7:31 pm
हरिद्वार, ऋषिकेश के विश्व प्रसिद्ध नीलकंठ मंदिर को उड़ाने की धमकी से हरिद्वार पुलिस में हड़कंप मच गया। धमकी के मद्देनजर हरिद्वार सहित ऋषिकेश के सभी मंदिरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई। जांच पड़ताल में मामला झूठा निकला। पुलिस ने झूठी सूचना देने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
शनिवार सुबह करीब सवा सात बजे पुलिस कंट्रोल रूम में किसी महिला ने फोन कर यह सूचना दी कि लाल रंग की आल्टो मारुति कार सवार तीन युवक ऋषिकेश के विश्व प्रसिद्ध मंदिर को बम से उड़ाने की फिराक में वहां गए हैं। उसने उक्त कार का नंबर भी बताया। यह सूचना मिलने पर पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
कांवड़ यात्रा के कारण यहां मौजूद लाखों लोगों में किसी तरह का पैनिक न फैले इसके मद्देनजर पुलिस ने इस सूचना को दबाए रखा। मामले की जांच एलआईयू और एसओजी को सौंप दी। साथ ही दोनों शहरों के सभी मंदिरों की सुरक्षा भी बढ़ा दी।
संवेदनशील स्थानों पर बम निरोधक दस्तों और डाग स्कवायड के माध्यम से तलाशी अभियान भी शुरू करा दिया। इस दौरान इस बात का खास ख्याल रखा गया कि किसी को भी इस बात की भनक भी न लगने पाए। यहां तक कि कई पुलिस अधिकारियों तक को यह बात नहीं बताई गई।
इस बीच फोन करने वाली महिला की तलाश शुरू करा दी गई। कॉल डिटेल और फोन की लोकेशन से पता चला कि फोन करने वाली महिला हरिद्वार के शिवालिक नगर टी-124 मकान नंबर निवासी सविता पत्नी ऋषिपाल है। साथ ही यह भी कि उसने ये काम करने के जिस फोन का इस्तेमाल किया था वो उत्तार प्रदेश के बाराबंकी जिले के अवधराम के नाम से जारी है। जांच में पुलिस को पता चला कि सविता ने उक्त मोबाइल नंबर को अवधराम की गलत आईडी देकर हासिल किया था। महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो मामला कुछ और ही निकला।
पता चला कि सविता का सुपर फाइन सर्विस एजेंसी चलाने वाले अपने किरायेदार बॉबी से किराये को लेकर विवाद था और वे लोग उसके किराये डेढ़ लाख रुपया नहीं दे रहे थे। इस वजह से उन्हें फंसाने और तंग करने की नीयत से उसने यह कदम उठाया था।
इस बीच पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मिली सूचना के आधार पर मंदिर के रास्ते से तीन युवकों को पकड़ लिया। तीनों से पुलिस पूछताछ कर रही है।

