नोएडा : फिर भट्टा पारसौल पहुंचे राहुल गाधी
राजनीति 7:19 pm
नोएडा, आँखों देखी संवाददाता : काग्रेस महासचिव राहुल गाधी मंगलवार सुबह फिर भट्टा पारसौल गाव पहुंच गए। राहुल ने किसानों के विरोध प्रदर्शन के गढ़ रहे भट्टा पारसौल में करीब दो महीने पहले हुए अपने दौरे और आधी रात को हुई गिरफ्तारी के बाद फिर इस गाव का रुख किया है। भट्टा पारसौल में भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर दो महीने पहले व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ था। राहुल अपनी किसान संदेश यात्रा के पहले पड़ाव के तहत यहा पहुंचे हैं।
युवा नेता शनिवार को अलीगढ़ में होने वाली किसान महापंचायत के लिए समर्थन जुटाने के मकसद से यहा एक कार में सुबह छह बजे पहुंचे।
मायावती सरकार ने राहुल को दिल्ली से निकट स्थित भट्टा पारसौल में किसान महापंचायत करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके चलते अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में होने वाले अहम विधानसभा चुनाव से पहले काग्रेस और बसपा के बीच फिर टकराव की स्थिति निर्मित हो गई है।
भट्टा पारसौल में पहुंचने के बाद चारपाई पर बैठे राहुल काफी सहज नजर आ रहे थे। उन्होंने अपनी गोद में स्कूल यूनिफॉर्म पहने एक बच्चे को बिठा रखा था। वह ग्रामीणों से बातचीत कर रहे थे। राहुल के साथ उनके निजी सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। राहुल ने कहा कि भट्टा पारसौल में जो कुछ हुआ, बाकी की जनता उससे वाकिफ नहीं थी। मैं यहा से आगरा तक हो रहे भूमि अधिग्रहण को समझना चाहता था। मैंने यह यात्रा भट्टा से शुरू की। यहा से मैं गावों में जाऊंगा और इस अधिग्रहण, नए कानून तथा इस कानून के बारे में लोगों के विचारों को समझने की कोशिश करूंगा।
राहुल ने कहा कि मैं यह समझना चाहता हूं कि कानूनों का किन लोगों के लिए और किस तरह कार्यान्वयन किया जा रहा है। यही कारण है कि मैं यहा आया हूं और यही बात समझने के लिए अन्य गावों में जाऊंगा।
काग्रेस महासचिव को उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार ने 11 मई की रात भट्टा पारसौल से गिरफ्तार कर लिया था। राहुल भूमि अधिग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान किसानों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में वहा गए थे। इस पुलिस कार्रवाई में चार लोगों की मौत हो गई थी। राहुल को उनकी गिरफ्तारी के कुछ ही घटों बाद रिहा कर दिया गया था।
राहुल ने आज ग्रामीणों को बताया कि काग्रेस उनके मुद्दे के प्रति समर्पित है और यही कारण है कि वह महापंचायत करने जा रही है।
राहुल के साथ आए काग्रेस नेताओं ने भट्टा पारसौल के किसानों को बताया कि किसान महापंचायत पहले इसी गाव में होने वाली थी लेकिन प्रशासन ने यहा इसकी अनुमति नहीं दी, इसलिए अब यह आयोजन अलीगढ़ में होगा। पिछले वर्ष अलीगढ़ के भी कुछ क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ था।
राहुल मिर्जापुर, रोसा और रूस्तमपुर गाव भी गए जहा वह सड़क किनारे पेड़ों की छांव में बैठे और किसानों से उनकी शिकायतें सुनी। वह राबुपुरा जाएंगे और वहा से अलीगढ़ रवाना होंगे।

