नई दिल्ली :रैगिंग रोको वरना होगा एक्शन
शिक्षा 11:24 am
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (यूजीसी) रैगिंग रोकने के लिए जरूरी कदम न उठाने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई करेगा। यूजीसी ने एक नोटिस जारी कर कहा है कि अगर कोई संस्थान रैगिंग के खिलाफ जरूरी कदम उठाने में असफल रहता है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तो ऐसे संस्थानों को बख्शा नहीं जाएगा। रैगिंग रोकने के लिए जारी किए गए यूजीसी रेग्युलेशंस का हर यूनिवसिर्टी व कॉलेज को पालन करना होगा और किसी की शिकायत हल्के में नहीं ली जाएगी।
आरोपी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई शुरू होनी चाहिए। रैगिंग के दोषी को क्रिमिनल केस का सामना तो करना ही पड़ेगा, साथ ही उसे यूनिवर्सिटी से बाहर का रास्ता भी दिखा दिया जाएगा। यूजीसी रेग्युलेशंस में यह प्रावधान भी है कि अगर कोई इंस्टिट्यूट इन रेग्युलेशन का उल्लंघन करता है तो उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है और यूनिवर्सिटी द्वारा उसे दी जाने वाली ग्रांट भी रोकी जा सकती है।
यूजीसी सेक्रेटरी की ओर से जारी किए गए इस नोटिस में बताया गया है कि यूजीसी की वेबसाइट पर एंटी रैगिंग फिल्म को भी अपलोड किया गया है, जिसमें रैगिंग के खतरों के बारे में बताया गया है। यह भी निदेर्श दिया गया है कि अगर कोई स्टूडेंट रैगिंग में शामिल होता है, तो उसका कैरियर चौपट हो जाएगा। यूजीसी ने यूनिवर्सिटीज से कहा है कि स्टूडेंट्स को इस फिल्म के बारे में बताया जाए और नया सेशन शुरू होने से पहले इस फिल्म की पब्लिसिटी की जाए।
नोटिस के मुताबिक हर कॉलेज को होर्डिंग, बैनर और पोस्टरों के जरिए स्टूडेंट्स को जागरूक करना होगा और उन्हें बताना होगा कि रैगिंग की क्या- क्या सजा हो सकती है? रैगिंग विरोधी कमिटी जरूर होनी चाहिए। सीनियर स्टूडेंट्स से भी शपथ पत्र लिया जाना चाहिए। रैगिंग का केस सामने आने पर कोई भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। वार्डन को पूरे समय स्टूडेंट्स के लिए मौजूद रहना होगा। वार्डन को अपनी जिम्मेदारी ज्यादा गंभीरता से निभानी होगी। यूजीसी ने कहा है कि एक फुल टाइम वार्डन होना चाहिए और उसे हॉस्टल में ही रहना होगा।
जो इंस्टिट्यूट रैगिंग पर लगाम कसने में नाकाम होंगे, उन यूनिवर्सिटीज या इंस्टिट्यूट को दी जाने वाली ग्रांट भी रोकी जा सकती है। यही नहीं, यूजीसी एक्ट के मुताबिक ऐसे संस्थानों की मान्यता रद्द की जा सकती है। इसके अलावा जो इंस्टिट्यूट रैगिंग पर पूरी तरह लगाम लगाने में कामयाब होंगे या रैगिंग के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे, उन्हें यूजीसी की तरफ से स्पेशल/ अडिशनल फाइनेंशल ग्रांट भी दी जा सकती है।
यूनिवर्सिटीज में नया सेशन शुरू होने वाला है। डीयू में 21 जुलाई से क्लासेज शुरू हो जाएंगी। यूजीसी ने हॉस्टलों पर खास नजर रखने के निदेर्श भी दिए हैं। हॉस्टल वार्डन को ऐसे उपाय करने होंगे कि फ्रेशर्स के साथ कोई भी सीनियर बदसलूकी न कर सकें

