आज बैंक हड़ताल पर,
व्यापार 2:14 pm
ये कर्मचारी बैंकिंग क्षेत्र में प्रस्तावित सुधारों का विरोध कर रहे हैं.
बैंकिंग सेवाओं पर होगा असर
ऑल इंडिया बैंक इम्पलाइज़ एसोसिएशन के विश्वास उतागी ने बताया, दस लाख से अधिक बैंक कर्मी इस हड़ताल में भाग लेंगे और आप देश भर में बैंकिंग क्षेत्र के सभी अंगों पर इसका असर देखेंगे.
उन्होंने कहा कि समाशोधन कार्यालय, विदेशी मुद्रा विभाग, कॉल मनी बाजार तथा रिजर्व बैंक के कार्यालय भी बंद रहेंगे.
उतागी के अनुसार बैंक कर्मचारियों को विश्वास है कि यह मामला संसद के मौजूदा सत्र में उठेगा. हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र बैंकों के साथ साथ पुराने निजी बैंक, सहकारी बैंक तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों के भी शामिल होने की संभावना है.
कुछ बैंक अछूते
एआईबीईए के सी वेंकटचलम ने कहा, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, यस बैंक तथा कोटक महिंद्रा बैंक के कर्मचारियों के इस हड़ताल में शामिल होने की संभावना नहीं है क्योंकि इन बैंकों में यूनियन नहीं है.
उतागी ने कहा कि पुराने निजी बैंकों की 24 यूनियनों ने गुरुवार की हड़ताल से सहमति जताई है.
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस तथा बैंक प्रबंधन के बीच बुधवार को हुई सुलह वार्ता सिरे नहीं चढ़ पाई थी. बैंक कर्मचारी बैंकिंग सेवाओं के निजीकरण तथा बैंक कामकाज की आउटसोर्सिंग का विरोध कर रहे हैं. इसके अलावा पेंशन तथा अधिकारियों के कामकाजी घंटों के नियमन का मामला भी विचाराधीन है.
गतिरोध बरकरार
बैंक यूनियनों के प्रतिनिधि वित्तीय सेवा सचिव तथा आईबीए के चेयरमैन से मिले लेकिन कोई समझौता नहीं हो सकता और गतिरोध बना हुआ है.
यूनाइटेड फोरम देश में सार्वजनिक तथा निजी बैंकों के पांच कर्मचारी तथा चार अधिकारी यूनियनों का प्रमुख प्रतिनिधि संगठन है.

