मार्च, 2012 से वाहन बीमा प्रीमियम में हो जाएगी बढ़ोतरी
ताजा खबरें, व्यापार 3:53 pm
जिससे अप्रैल, 2012 से वाहन बीमा प्रीमियम 20 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा.
बीमा नियामक इरडा ने कहा है, ‘प्राधिकरण मौजूदा भारतीय वाहन थर्ड पार्टी पूल प्रणाली को 31 मार्च, 2012 से खत्म करने का आदेश देता है.’
नियामक ने कहा,‘जिन साधारण बीमा कंपनियों ने पालिसी जारी की है, उन पर भी दुर्घटना दावों का निपटान करने की जिम्मेदारी होगी.’
विश्लेषकों के मुताबिक,फंड पूल प्रणाली खत्म किए जाने से मोटर बीमा प्रीमियम बढ़ेगा.
भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस के सीईओ अमरनाथ अनंतनारायणन ने कहा, ‘बुरे जोखिम के लिए कीमतें बढ़ेंगी और अच्छे जोखिम का लाभ कम कीमत के रूप में ग्राहकों को मिलेगा.लेकिन, कुल मिलाकर मुझे दीर्घकाल में प्रीमियम 20 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है.’
आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ भार्गव दास गुप्ता ने कहा, ‘पूल का मूल्य निर्धारण अभी अपर्याप्त है. इसे खत्म किए जाने से और पारदर्शिता आएगी.’
उल्लेखनीय है कि वाणिज्यिक वाहनों के लिए थर्ड पार्टी जोखिम कवर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 2007 की शुरुआत में इस पूल का गठन किया गया था. थर्ड पार्टी बीमा कवर में वाहन के मालिक को एक दुर्घटना की स्थिति में तीसरे व्यक्ति को हुए नुकसान या उसके वाहन को हुई क्षति में किसी तरह की वित्तीय देनदारी से सुरक्षा मिलती है.
प्रमुख सरकारी और निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियां थर्ड पार्टी बीमा पूल को खत्म किए जाने की मांग करती रही हैं.इसके पीछे उनका तर्क है कि दावों की हिस्सेदारी की व्यवस्था से उनका लाभ प्रभावित होता है.
पूल से दावे का निपटान एक बीमा कंपनी की बाजार हिस्सेदारी के अनुपात में बांटा जाता है. चूंकि सार्वजनिक क्षेत्र की चार साधारण बीमा कंपनियों का बाजार में वर्चस्व है, निजी बीमा कंपनियों को कई बार दावे का भुगतान करने में नुकसान होता है.

