फिरोजाबाद में जन्मा बत्तीस दांतों वाला बच्चा !
ताजा खबरें, रोचक खबर 4:05 pm
फिरोजाबाद के जलेसर रोड स्थित एक अस्पताल में इस बच्चे ने बृहस्पतिवार को दिन के करीब करीब दस बजे जन्म लिया.
डाक्टरों ने मुआयना किया तो पता चला कि बच्चे के बत्तीसों दांत हैं. वे आश्चर्यचकित रह गए.
खबर अस्पताल से बाहर पहुंची तो बच्चे को देखने के लिए लोगों का तांता लग गया. मिथक कहता है कि ऐसे दुर्लभ बच्चे कष्टप्रद जीवन जीते हैं.
यह कष्ट घर वालों, खासतौर पर मां को भी हो सकता है और बच्चे को भी. लेकिन इस बच्चे के साथ ऐसा कुछ भी नहीं है. जच्चा- बच्चा दोनों फिट हैं.
क्यों होता है ऐसा
शिशु का जन्म दांतों के साथ होना या नवजात बच्चों के जन्म के फौरन बाद दांतों का निकल आना साधारण बात नहीं है. आठ सौ से छह हजार मामलों में नवजात को दो या तीन दांतों के साथ पैदा होते देखा गया है. हालांकि कोई शिशु पूरे बत्तीस दांतों के साथ पैदा हो यह बेहद ही असाधारण मामला है जोकि लाखों में एक हो सकता है.
शोधकर्ताओं के मुताबिक ये दांत ज्यादा टिकाऊ नहीं होते और शीघ्र ही ये गिर जाते हैं. जो दांत जन्म के साथ मौजूद होते हैं उन्हें नेटल डेंटीशन (पैदाइशी दंतोद्भेदन) और जो दांत जन्म के एक माह के भीतर निकल आते हैं वो निओ नेटल टीथ कहते हैं.
आमतौर पर ऐसी स्थिति कन्या शिशुओं में ज्यादा देखी गई है. शोधकर्ताओं ने जन्मजात दांतों के होने का कई सिद्धांतों के आधार पर विश्लेषण किया है. शरीर में पैदा होनेवाले हारमोन्स में गड़बड़ी,खानपान में माता के कमी,जन्मगत सिफ्लिस और गर्भवती महिला को बुखार आना -यह शिशुओं में दांतों के पाए जाने के कारण हो सकते हैं.
डेंटल फालिकल्स का किसी अनुवांशिक वजह से एक ही जगह पर एकत्र हो जाना भी जन्मजात दांतों के होने की वजह हो सकता है. इन दांतों की जड़ें कमजोर होती हैं और अक्सर दांतों पर होनेवाला एनैमल भी पूरी तरह विकसित नहीं होता.

