इंदौर में जीत के इरादे से मैदान पर उतरेगी भारतीय टीम
क्रिकेट, खेल, ताजा खबरें 9:09 am
इंदौर के होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में आज होने वाले इस मुकाबले में भारत जीत के इरादे से मैदान पर उतरेगी.
अहमदाबाद में वेस्टइंडीज को कमतर आंकने की भूल भारत को भारी पड़ी थी लेकिन उसके पास पिछली गलतियों को सुधारकर श्रृंखला अपने नाम करने का अच्छा मौका है. इस श्रृंखला में भारतीय टीम 2-1 से आगे चल रही है. उसने कटक और विशाखापट्टनम में जीत हासिल की थी लेकिन अहमदाबाद में वेस्टइंडीज ने शानदार वापसी करते हुए 16 रनों से जीत हासिल कर भारतीय टीम के श्रृंखला जीतने के इंतजार को लम्बा कर दिया.
अहमदाबाद में भारतीय गेंदबाजों ने निराशाजनक प्रदर्शन किया था. 170 रनों के कुल योग पर मेहमान टीम के नौ विकेट झटकने के बाद गेंदबाज अपनी गेंदों की दिशा और लम्बाई भूल गए थे, जिसके कारण मेहमान टीम 250 का आंकड़ा पार कर गई थी. इस मैच में रवि रामपॉल ने 86 रनों की नाबाद पारी खेली थी.
उमेश यादव ने इस मुकाबले में 10 ओवर में 76 रन दिए थे. इसी का नतीजा है कि उन्हें चौथे और पांचवें मुकाबले के लिए टीम से बाहर कर दिया गया और इरफान पठान की पौने दो वर्ष के बाद टीम में वापसी हुई. रोहित शर्मा (95) को छोड़कर कोई भारतीय बल्लेबाज अपना हुनर नहीं दिखा सका था.
अहमदाबाद में मिली हार ने न सिर्फ वेस्टइंडीज को श्रृंखला जीतने या फिर बराबर करने के लिए जरूरी मनोबल दिया बल्कि भारतीय टीम की कई कमजोरियों को भी उजागर कर दिया. इन कमजोरियों पर विजय पाना डंकन फ्लेचर की प्राथमिकताएं होगी, नहीं तो इस श्रृंखला का नतीजा कुछ और हो सकता है.
भारत जहां इस मैच को जीतकर श्रृंखला अपने नाम करना चाहेगा, वहीं वेस्टइंडीज टीम श्रृंखला बराबरी कर चेन्नई में निर्णायक मुकाबले की मनोदशा में दिखाई दे रही है. कोच ओटिस गिब्सन के निर्देशों का अहमदाबाद में अक्षरशह पालन किया गया था और अब एक बार फिर कैरेबियाई खिलाड़ी कुछ ऐसा ही करने का मन बना चुके हैं.
भारत के लिए वापसी जरूरी है क्योंकि इस श्रृंखला के बाद उसे ऑस्ट्रेलिया दौरा करना है और एक बड़ी श्रृंखला में जीत के साथ पहुंचना खिलाड़ियों के मनोबल के लिहाज से अच्छा होता है. ऐसे में भारतीय टीम इंदौर में ही श्रृंखला को अपने नाम कर लापरवाही और खराब खेल से जुड़ी तमाम आलोचनाओं को विराम देना चाहेगी.
इस मैदान पर भारत का रिकॉर्ड शत-प्रतिशत रहा है. उसने अब तक यहां दो मुकाबले खेले हैं, जिनमें उसे बड़ी जीत मिली है. दोनों ही बार उसने इंग्लैंड को हराया है. पहली बार यहां 2006 में मैच हुआ था, जिसे भारत ने सात विकेट से जीता था. इसके बाद 2008 में भारत ने इंग्लैंड को 54 रनों से हराया था.
भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर यह है कि पठान के रूप में उसे एक अग्रणी दर्जे का हरफनमौला खिलाड़ी मिला है जो मध्यक्रम को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ अपने अनुभव का उपयोग करते हुए विकेट से मिल रही मदद के दम पर गेंद को विकेट के दोनों ओर स्विंग करा सकता है.
कैरेबियाई टीम को हालांकि स्टार बल्लेबाज डेरेन ब्रावो को चोटिल होने के कारण झटका लगा है. ब्रावो जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण श्रृंखला के बाकी बचे मैचों से बाहर हो चुके हैं. ब्रावो अहमदाबाद में रिटायर्ड हर्ट हुए थे. वह दोबारा बल्लेबाजी के लिए नहीं आ सके थे.

