2012 में अच्छा रिटर्न दे सकते हैं आईटी, निजी बैंकों और एफएमसीजी के शेयर
ताजा खबरें, व्यापार 11:29 am
वास्तव में आईटी क्षेत्र ने 2011 में भी निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया और बीएसई आईटी इंडेक्स का निष्पादन सेंसेक्स के मुकाबले बेहतर रहा.
बीएसई आईटी इंडेक्स में महज 15.72 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि सेंसेक्स 24.64 प्रतिशत टूटा.
रुपये में हलचल ने आईटी कंपनियों के लिए हलचल पैदा की और कमजोर रुपये ने आईटी शेयरों को मजबूती प्रदान की. क्षेत्रवार सूचकांकों में बीएसई एफएमसीजी इंडेक्स झटका झेलने में सबसे अधिक सक्षम रहा और 2011 में यह 9.53 प्रतिशत चढ़ा. वहीं दूसरी ओर,बीएसई रीयल्टी इंडेक्स का निष्पादन सबसे खराब रहा और यह सूचकांक 51.83 प्रतिशत टूट गया.
विश्लेषकों का कहना है कि रीयल एस्टेट और इंफ्रा जैसे क्षेत्रों में कम से कम 2012 की पहली छमाही में दबाव बना रहेगा, जबकि निजी बैंक, आईटी और एफएमसीजी क्षेत्र के शेयर चढ़ सकते हैं.
जियोजित बीएनपी परिबा के एलेक्स मैथ्यूज ने कहा, ‘रुपया में नरमी और विदेशी फंडों के बिकवाल बनने से कुल मिलकार बाजार पर दबाव बना रहेगा. लेकिन, आईटी,एफएमसीजी और निजी बैंक अच्छा रिटर्न दे सकते हैं.’
उन्होंने कहा कि ज्यादातर एफएमसीजी कंपनियां लागत बढ़ने के बावजूद अपना मार्जिन बनाए रखने में सफल रहीं. खाद्य मुद्रास्फीति में नरमी से इनकी उत्पादन लागत भी नीचे आएगी जिससे यह क्षेत्र लाभान्वित होगा.
वहीं,सीएनआई रिसर्च के सीएमडी किशोर ओस्तवाल का कहना है, ‘ब्याज दरों में घटबढ़ से प्रभावित होने वाले सभी क्षेत्र जैसे वाहन और बैंकों के शेयरों पर इस साल सबकी नजर रहेगी और आरबीआई द्वारा दरों में कटौती करते ही इन क्षेत्र के शेयरों में तेजी लौट सकती है.’
हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का विचार है कि ऊंची ब्याज दरें,बढ़ती मुद्रास्फीति और जीडीपी वृद्धि दर में नरमी के साथ ही रुपये में गिरावट बाजार के लिए चिंता का सबब बना रहेगा.
