थलसेना प्रमुख ने विशेष शक्तियां अधिनियम को वापस लिए जाने का विरोध किया
अन्य राज्य, ताजा खबरें, राष्ट्रीय 1:47 am
थलसेना प्रमुख जनरल वीके सिंह का कहना है कि सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम (एएफएसपीए) हटाने से यह क्षेत्र आतंकवादियों का पनाहगार बन सकता है.
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में शांति कायम रहने का यह मतलब नहीं है कि अशांत सीमावर्ती राज्य में सामान्य स्थिति लौट आई है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस विशेष कानून को वापस ले लिया गया तो हालात बिगड़ने पर सेना आतंकवादी संगठनों के खिलाफ आभियान चलाने में असमर्थता महसूस करेगी.
रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक पत्रिका 'सैनिक समाचार' को दिए एक साक्षात्कार में सिंह ने कहा कि एएफएसपीए को यदि आंशिक रूप से हटा लिया जाता है तो यह क्षेत्र आतंकवादियों का अभयारण्य और सुरक्षित पनाहगार बन जाएगा और सेना उनके खिलाफ आभियान चलाने में असमर्थ हो जाएगी.
उन्होंने यह भी कहा कि एएफएसपीए रहित इलाकों में स्थित सेना के कर्मियों, अभियान चलाने वाले दस्ते के अड्डों, इकाइयों व मुख्यालयों और उन इलाकों से होकर गुजरने वाले काफिलों की सुरक्षा सम्बंधी कई मुद्दे हैं, जिन पर विचार किया जाना चाहिए.
यह पूछे जाने पर कि जम्मू एवं कश्मीर से इस कानून को आंशिक रूप से वापस लिए जाने का सेना क्यों विरोध कर रही है, उन्होंने कहा कि गर्मियों के एक मौसम में हिंसा में कमी आने को पर्याप्त नहीं मान लेना चाहिए, बल्कि एएफएसपीए को हटाने की घोषणा से पहले समेकित उपलब्धियों पर भी गौर किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि सिर्फ गर्मियों के एक मौसम में शांति का अर्थ सामान्य स्थिति की बहाली नहीं है.
सिंह ने यह भी कहा कि सेना ने हालांकि कश्मीर के कुछ हिस्सों में अभी अभियान नहीं चलाया है, फिर भी जरूरत पड़ने पर वहां भी कार्रवाई करने को कहा जा सकता है, क्योंकि एएफएसपीए अभी तक लागू है.
उन्होंने कहा कि यदि एएफएसपीए को हटा लिया जाए तो हालात बिगड़ने पर सेना के पास अभियान चलाने का कानूनी अधिकार नहीं रह जाएगा. एएफएसपीए को किसी भी रूप में कमजोर करना देश के लिए अहितकर होगा.

