अब "तिहाड़ के कैदी" तैयार करेंगे खाना हल्दीराम के रेस्तरां में !

अब अगर आप हल्दीराम के रेस्तरां जाते हैं तो हो सकता है कि जो ‘भल्ला पापड़ी’ आप खाएं उसे तिहाड़ के कैदी ने तैयार किया हो.

वास्तव में सुधरे हुए कैदियों को हल्दीराम, वेदांता समूह जैसी कंपनियां नौकरी पर रखने की तैयारी कर रही हैं.

तिहाड़ जेल के प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने कहा, ‘‘ कैंपस इंटरव्यू के लिए सौ कैदियों को योग्य पाया गया है. जिन कंपनियों ने कैंपस इंटरव्यू के लिए आने पर सहमति दी है, उनमें वेदांता समूह और हल्दीराम शामिल हैं.’’

उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि जो जेल से पहले ही रिहा हो चुके हैं और जिन्हें उम्रकैद की सजा मिली है और उन्हें रिहा करने पर विचार किया जा रहा है, ऐसे लोग भी इंटरव्यू देंगे. कैदियों की रिहाई के बाद उनके पुनर्वास में मदद के लिए कैंपस प्लेसमेंट शुरू किया गया है.

गुप्ता ने कहा, ‘‘ जब हमें एहसास हुआ कि कैदियों को सुधारने और पेशेवर तौर पर उन्हें योग्य बनाने के बाद भी आपराधिक पृष्ठभूमि होने की वजह से उन्हें नौकरी नहीं मिलती तो हमने कैंपस प्लेसमेंट शुरू करने का निर्णय किया.’’

उन्होंने बताया कि पिछले साल तीन सफल कैंपस प्लेसमेंट के जरिए विभिन्न उद्योगों में विभिन्न पदों पर तिहाड़ जेल से रिहा हुए 175 लोगों नियुक्त किया गया और उनकी तनख्वाह सालाना 84,000 रुपये से 6,00,000 रुपये तक है.

गुप्ता ने कहा कि भर्ती अभियान की खबर देश के विभिन्न हिस्सों में फैलने के बाद कई कंपनियों ने हमसे संपर्क कर हमारे लोगों को नौकरी पर रखने की इच्छा जाहिर की. पहली बार भर्ती अभियान पिछले साल 25 फरवरी को चलाया गया था.

Posted by गजेन्द्र सिंह at 11:24 am.

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