राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी केन्द्र काम करने लगेगा 1 मार्च से
ताजा खबरें, राष्ट्रीय 11:38 am
एनसीटीसी इसी साल 1 मार्च से काम करना शुरू करने लगेगा. यह केंद्र आतंकवादी गुटों के खिलाफ अभियानों का समन्वय करेगा.
सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति से मंजूरी मिलने के तीन हफ्ते बाद गृह मंत्रालय ने आतंकवाद विरोधी निकाय की योजना का खुलासा किया.
सरकार ने एक आदेश में कहा, ‘‘एनसीटीसी 1 मार्च से अस्तित्व में आ जाएगा. एनसीटीसी के अभियान प्रभाग के अधिकारियों को गैर कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून, 1967 की धारा 43ए के तहत गिरफ्तारी और तलाशी का अधिकार होगा.’’
एक निदेशक निकाय का प्रमुख होगा और वह अतिरिक्त निदेशक रैंक का होगा. एनसीटीसी में तीन प्रभाग होंगे और हर प्रभाग का प्रमुख खुफिया ब्यूरो (आईबी) के संयुक्त निदेशक रैंक का अधिकारी होगा. ये प्रभाग खुफिया जानकारी एकत्र करने और उन्हें वितरित करने, विश्लेषण और परिचालन से जुडे होंगे.
मुंबई आतंकी हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम द्वारा यह दूसरा ऐसा संगठन स्थापित किया गया है. इसके पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की स्थापना की गयी थी.
ब्लैक कैट कमांडो की सेवाएं मिलेंगीं
एनसीटीसी को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) या ब्लैक कैट कमांडो की सेवाएं हासिल करने का अधिकार होगा. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शुरू में यह आईबी का हिस्सा होगा लेकिन आगे चलकर इसे अलग इकाई का रूप दिया जाएगा.
एनसीटीसी के प्रमुख को निदेशक कहा जाएगा और वह वह आईबी में अतिरिक्त निदेशक रैंक का अधिकारी होगा. 1978 बैच के आईपीएस अधिकारी डी पी सिन्हा को एनसीटीसी का प्रमुख बनाए जाने की संभावना है. सिन्हा अभी आईबी में अतिरिक्त निदेशक हैं.
सरकार ने एक अधिसूचना में कहा कि एनसीटीसी आतंकवाद रोधी कार्रवाइयों का समन्वय करेगा. आतंकवाद से जुड़ी खुफिया खबरों के एकीकरण, उनके विश्लेषण और अन्य एजेंसियों को उस पर आगे काम करने के लिए लगाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का काम भी एनसीटीसी करेगा.
एनसीटीसी के तीन प्रभाग होंगे और हर प्रभाग का प्रमुख आईबी के संयुक्त निदेशक रैंक का अधिकारी होगा. ये प्रभाग खुफिया जानकारी एकत्र करने और उन्हें वितरित करने, विश्लेषण और परिचालन से जुडे होंगे.

