Posted by गजेन्द्र सिंह
दुनिया,
विशेष
12:14 am
आर्थिक मामलों पर छपनेवाली पत्रिका द इकोनामिस्ट के इस अंक को भारत में बिक्री पर सरकार ने बैन लगा दिया है. इसके साथ ही कस्टम विभाग ने पत्रिका की भारत पहुंची सभी कापियों को जब्त कर लिया है. द इकोनामिस्ट के ताजा अंक में भारत पाकिस्तान और चीन के बीच एक विवादास्पद नक्शा प्रकाशित किया गया है जिसमें न सिर्फ कश्मीर पर पाकिस्तान का दावा दिखाया गया है बल्कि अरुणाचल प्रदेश को भी विवादास्पद हिस्सा बताते हुए इसे चीन का हिस्सा बताया है. द इकोनामिस्ट के पिछले अंक में भारत पाकिस्तान और चीन की सीमा समस्या पर आवरण कथा है. इसमें यह साबित करने की कोशिश की गयी है कि भारत पाकिस्तान की सीमा दुनिया में सबसे विवादास्पद सीमा है. पश्चिमी मीडिया पहले भी इस तरह की बदमाशी करते रहे हैं. भारतीय उपमहाद्वीप में सीमा विवाद के बहाने इकोनामिस्ट ने ओसामा बिन लादेन की मौत से ध्यान हटाकर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ती खाईं को पाटने और पाकिस्तान का रूख भारत की ओर करने का प्रयास किया है. इस विवादास्पद नक्से में न केवल कश्मीर की भौगोलिक स्थिति को विवादास्पद तरीके से दर्शाया गया है बल्कि अरुणाचल प्रदेश पर भी चीन के दावे को जायज ठहराया गया है.
भारत में करीब 28 हजार प्रतियां बिकनेवाली इकोनामिस्ट को भारत सरकार का यह बैन नागवार गुजरा है. द इकोनामिस्ट के प्रधान संपादक जॉन मैकलवेट ने एएफपी एजंसी से बातचीत में कहा है कि भारत में अपनी बात कहने की आजादी है लेकिन इस मसले पर भारत सरकार ने चीन और पाकिस्तान से भी खराब रुख अख्तियार किया है.
हालांकि जान ने स्वीकार किया कि चीन में भी संपूर्ण अंक वितरित नहीं किया गया है लेकिन उसके कारण दूसरे हैं. जॉन ने भारत सरकार के इस कड़े रूख की आलोचना करते हुए कहा है कि दुनिया में कोई भी देश इतना तानाशाही रवैया अख्तियार नहीं करेगा जैसा कि भारत सरकार ने अख्तियार किया है.
Posted by गजेन्द्र सिंह
दुनिया
1:48 pm
कराची : पाकिस्तान के कराची स्थित नौसेना के हवाई प्रतिष्ठान पर तालिबानी आतंकियों के हमले में अमेरिका निर्मित दो निगरानी विमान नष्ट हो गए हैं। कई घंटों से जारी इस हमले में अब तक पांच सुरक्षाकर्मी समेत 11 लोग मारे जा चुके हैं।
इस आतंकी हमले की शुरुआत रविवार रात लगभग 10 बज कर 40 मिनट पर हुई। लगभग 15 से 20 बंदूकधारियों ने फैसल वायु सैनिक अड्डे के भीतर स्थित पीएनएस मेहरान नौसेना वायु प्रतिष्ठान पर ग्रेनेड से हमला करते हुए अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षा बलों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई के बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। हमले के बाद अब तक यहां से 15 बड़े विस्फोटों की आवाज सुनाई दे चुकी है। सोमवार सुबह तक रुक-रुक कर गोलीबारी की आवाजें सुनाई दे रहीं थीं।
उधर, हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने ली है। इस आतंकवादी गुट ने दो मई को ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद से सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले बढ़ा दिए हैं। तालिबान के प्रवक्ता अहसानुल्ला अहसान ने पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के किसी अज्ञात स्थान से बताया कि हमने ओसामा की शहादत के बाद ही चेतावनी दी थी कि हम और बड़े हमले करेंगे। उसने बताया कि पीएनएस मेहरान में घुसे हमलावरों के पास तीन दिन तक डटे रहने के लिए पर्याप्त सामग्री है।
सरकारी पीटीवी ने बताया कि अब तक चार से पांच आतंकवादियों के मारे जाने या पकड़े जाने की अपुष्ट खबरें हैं। नौसेना के एक और प्रवक्ता कमांडर सलमान अली ने बताया कि उनके पास बंदूकें, रॉकेट से छोड़े जाने वाले ग्रेनेड और हैंड ग्रेनेड हैं। उन्होंने विमान को आरपीजी से निशाना बनाया।
अली ने बताया कि उन्होंने दो पी-3सी ओरियॉन विमान नष्ट कर दिए हैं। ये टोही विमान अमेरिका से पाकिस्तान लाए गए थे। आतंकवादियों को खदेड़ने के लिए सैकड़ों जवानों केा सैन्य अड्डे में भेजा गया है। इनमें पाकिस्तान रेंजर्स के जवानों के अलावा नौसेना और सेना के कमांडर भी शामिल हैं।
अधिकारियों ने सैन्य अड्डे के आसपास पूरी रात हेलीकॉप्टर से निगरानी की। हमलावरों और आतंकवादियों के बीच रविवार रात 11:30 बजे तक भारी गोलीबारी जारी थी। इसके बाद मध्य रात्रि से रुक-रुक कर गोलीबारी और 15 विस्फोटों की आवाजें सुनाई दी जा चुकी हैं।
एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि अभियान जारी है। यह अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि हमलावरों के आसपास घेराबंदी और कड़ी कर दी गई है और अभियान के जल्दी ही खत्म होने की संभावना है। आतंकवादियों ने विमान खड़े करने के कई स्थानों को अपना निशाना बनाया। यहीं पर नौसेना के पी-3सी टोही विमान खड़े थे। चार इंजन वाले एक विमान के पास स्थित किसी चीज से लपटें निकलती दिख रहीं थीं। यह चीज पी-3सी ओरियॉन की तरह दिख रही थी।
इस उच्च सुरक्षा वाले इलाके में पाकिस्तानी वायु सेना की दक्षिणी कमान का कार्यालय, एयर वार कॉलेज और संग्रहालय भी स्थित हैं। मीडिया की खबरों में कहा गया है कि हमलावर सीवर के रास्ते यहां घुसे, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
Posted by गजेन्द्र सिंह
उत्तर प्रदेश,
क्षेत्रीय,
विशेष
8:36 am
टीपीनगर की नई बस्ती स्थित तंग गलियों में अपने भरे पूरे परिवार के साथ मम्मू जल्लाद रहता था। परिवार में छह बेटे, तीन बेटियां और लगभग ढाई दर्जन नाती पोते हैं। मम्मू जल्लाद के सबसे बड़े बेटे पवन उर्फ सिंधी ने बताया कि उसके पिता पिछले डेढ़ साल से दमा से पीडि़त थे। करीब पंद्रह दिनों से उनकी तबियत अधिक बिगड़ी हुई थी।गुरुवार को वह उन्हें लेकर सुभारती, जिला अस्पताल सहित कई अस्पतालों में गए, लेकिन हर जगह से जवाब मिल गया। शाम करीब सात बजे अपने ही घर पर मम्मू जल्लाद ने आखिरी सांस ली।
परिवार में अब छह बेटे और तीन बेटियों के अलावा कई पोते पोती हैं। आठवीं पास मम्मू देसी भाषा के साथ अंग्रेजी भी बोलते थे। उनकी मौत का समाचार मिलते ही तमाम लोग उनके घर पहुंच गए।
अधूरी रह गयी कसाब को फासी देने की तमन्ना मम्मू की इच्छा थी कि मुंबई हमले के एकमात्र जिंदा आतंकवादी कसाब को खुले मैदान में फांसी पर लटकाया जाये। इससे लोगों को इस बात का पता चल सकेगा कि देश पर बुरी नजर डालने वाले का क्या हश्र होता है. उन्होंने कहा कि उसे जल्द से जल्द फांसी पर लटका देना चाहिए। उसकी मौत सैकड़ों पाकिस्तानी आतंकवादियों के लिए एक सबक होगी और वे भारत में दहशतगर्दी फैलाने से पहले सौ बार सोचेंगे।
पर मममू की मौत के साथ ही उसकी ये इच्छा भी अधूरी रह गयी, वक्त का तकाजा कहिए या राजनीति की चाल अफजल और कसाब अभी भी अपनी मौत का इंतजार कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर अपनी आंखों में अधूरा ख्याब लिए मम्मू जल्लाद चल बसा।
खानदानी पेशा था फासी देना मम्मू का परिवार खानदानी जल्लाद रहा है। पहले उसके दादा लक्ष्मण मजीरा अंग्रेजों के जमाने के जल्लाद थे। बाद में उसके पिता कल्लू जल्लाद बने और उनके बाद यह काम उसे मिल गया। सात बेटों और दो बेटियों का पिता मम्मू मेरठ ही नहीं जबलपुर, जयपुर, दिल्ली और पंजाब में एक दर्जन से ज्यादा लोगों को फांसी पर लटका चुका है। मम्मू की मौत के बाद उनके बड़े बेटे पवन उर्फ सिंधी ने यह खानदानी परंपरा आगे बढ़ाने की घोषणा की है।
मम्मू जल्लाद ने अपने जीवन काल में 15 लोगों को फांसी पर चढ़ाया। सन् 1973 में उसने बुलंदशहर के रहने वाले दाता राम को सबसे पहले मेरठ जेल में फांसी दी थी। इसी साल उसने तिहाड़ जेल में शातिर अपराधी रंगा और बिल्ला को फांसी पर लटकाया। जबलपुर, दिल्ली और पंजाब में फांसी पर अपराधियों को लटका चुके मम्मू ने आखिरी बार सन् 1997 में जयपुर में कामता प्रसाद तिवारी को फांसी दी थी।
केवल इतना ही नहीं मम्मू जल्लाद ने अपने पिता के साथ मिलकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारों को भी फांसी पर लटकाया था। मम्मू को विदेशों से भी फांसी देने के ऑफर मिले थे, लेकिन पासपोर्ट न होने के कारण वह विदेश यात्रा नहीं कर सका था।
4 महीने से नहीं मिला था वेतन मम्मू जल्लाद को अपने काम के बदले सरकार की ओर से तीन हजार रुपये महीने की पगार मिलती थी। बड़े परिवार की दुहाई देकर उसने कई बार पैसा बढ़ाने की मांग की थी। मगर, उसकी नहीं सुनी गई। हैरत कि समाज विरोधियों को फांसी पर चढ़ाने जैसा पुण्य काम करने वाला मम्मू जल्लाद आखिरी सांस तक गरीबी से लड़ता रहा। बड़े बेटे पवन ने बताया कि पिछले चार महीने से उसे वेतन नहीं मिला था। किसी तरह से घर का गुजर बसर चल रहा था।
Posted by गजेन्द्र सिंह
राजनीति
5:05 pm
कांग्रेस पार्टी के महासचिव राहुल गांधी, ज़रुरत से ज्यादा बोल गए हैं. अफवाहों को सूचना मानकर उन्होंने एक बहुत बड़ी राजनीतिक गलती की है. ग्रेटर नोयडा के एक गाँव भट्टा में पुलिस अत्याचार के बाद ७४ लोगों के मारे जाने की बात करके उन्होंने न केवल अपने अज्ञान का प्रदर्शन किया है, बल्कि ग्रामीण भारत की अपनी समझ को बहुत ही बचकाने स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया है. यह सच है कि उन्हें ग्रामीण लोगों की सामाजिक संरचना की समझ नहीं है . उनको बताने वाले बहुत सारे लोग हैं लेकिन उनको बताने वालों की समझ भी अब शक़ के घेरे में है. ७४ लोगों के मारे जाने वाली उनकी बात को खैर कोई नहीं मानेगा. सरकारी तौर पर उसका खंडन भी कर दिया गया है.
गाँव के लोग भी उनकी इस बात का मजाक उड़ा रहे हैं. सवाल पूछे जा रहे हैं कि जब भट्टा पारसौल और उसके आस पास के गाँवों के सारे लोग अपने घरों में मौजूद हैं तो क्या मारने के लिए ७४ लोगों को पुलिस वाले कहीं और से लाये थे. उपलों के बीच लोगों जला दिए जाने का उनका दावा हास्यास्पद भी नहीं है. बिलकुल तरस खाने लायक है .लेकिन इससे भी घटिया काम राहुल गांधी ने किया है।
बिना सच को जाने समझें उन्होंने महिलाओं और लड़कियों के बलात्कार की बात कर दी. जबकि गाँव से जो जानकारी मिल रही है ,उसके हिसाब से कहीं कोई रेप नहीं हुआ.
अगर राहुल गांधी को ग्रामीण सामाजिक संरचना की मामूली जानकारी भी होती तो वे मुंह उठा कर किसी गाँव की महिलाओं के रेप की बात को इतनी गैरजिम्मेदारी से न कहते. शायद उन्हें मालूम नहीं कि उनकी इस बात से उस इलाके के लोगों को कितनी तकलीफ हुई होगी.
रेप के साथ जिस तरह की नकारात्मक बातें जुडी हैं, उसके चलते रेप की बात को लोग खुलेआम नहीं करते. लेकिन राहुल गांधी ने रेप की बेबुनियाद बात को प्रचारित करके महिलाओं को अपमान का विषय बना दिया है. होना यह चाहिये था कि अगर उन्हें उन गावों में किसी रेप की बात का पता चला था तो उसकी सच्चाई को समझने की कोशिश करते और फिर इतने नाजुक मसले पर कोई टिप्पणी करते.
लेकिन अपने वोटों को पक्का करने के चक्कर में राहुल गाँधी इतनी जल्दी में हैं कि औरतों की आबरू जैसे विषय को भी बहुत ही छिछोरपन के साथ उठा रहे हैं. उन्हें भट्टा पारसौल की महिलाओं के बारे में हल्की टिप्पणी करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी.
कांग्रेस ने किया बचाव: ग्रेटर नोएडा के भट्टा पारसौल में महिलाओं के साथ बलात्कार एवं जलाए गए शवों को लेकर कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के बयानों के बाद उठे विवाद को शांत करने के लिए उनकी कांग्रेस पार्टी उनके बचाव में उतर आई है. कांग्रेस के मुताबिक राहुल ने यह कभी नहीं कहा कि वहां 74 लोग मारे गए हैं. पार्टी के प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने कहा, "राहुल गांधी ने केवल वही कहा था जो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात के समय ग्रामीणों ने उनसे कहा था।"
वहीं कांग्रेस राहुल की मांग पर कायम है कि भट्टा पारसौल में महिलाओं के साथ बलात्कार और शवों को जलाए जाने के आरोपों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को एक न्यायिक जांच का आदेश दे। द्विवेदी ने पत्रकारों से कहा, "मीडिया में जो कुछ भी बताया गया है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। राहुल गांधी ने 74 शवों के जलाए जाने की बात कभी नहीं कही। राहुल ने बस इतना कहा था कि एक स्थान पर फैले राख की ढेर में अस्थियां पाई गई हैं।"
Posted by गजेन्द्र सिंह
उत्तर प्रदेश,
क्षेत्रीय
12:53 pm
परतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम गगोल निवासी डोक्टर निजामुद्दीन सैफी ने डी आई को एक प्रार्थना पत्र सोंपा है जिसमे उसने मांग की है कि उसे भेंस चोरी के आरोप में झूठा फंसा दिया गया है जबकि वह घटना वाले दिन दिल्ली गया हुआ था,
बता दे की बीस अप्रैल को परतापुर थाना क्षेत्र के कांसी निवासी लीलू पुत्र हरकेश को कुछ अज्ञात लोगो ने नशीला पदार्थ सुंघाकर उसके सोलह पशु लूट लिए थे जिसमे लीलू ने डोक्टर निजामुद्दीन को नामजद करते हुए मामला दर्ज करा दिया है !
डी आई जी ने डोक्टर को जांच कराकर निष्पक्ष कार्यवाही कराने का आश्वाशन दिया है इस दौरान डॉक्टर के साथ कांग्रेस नेता विनय प्रधान सहित सैंकड़ों लोग शामिल थे !