लोकपाल विधेयक नहीं तो फिर आमरण अनशन करेंगे - अन्ना हजारे
राजनीति, विशेष 12:10 pm
यहां पर लोगों से बातचीत में हजारे ने कहा कि यदि 10 सदस्यीय समिति द्वारा तैयार किए जा रहे विधेयक को कानून का शक्ल देने में कोई बाधा पैदा की गई तो वह फिर से आमरण अनशन करेंगे। सरकार और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त मसौदा समिति बनाने के लिए हजारे ने पिछले दिनों दिल्ली में आमरण अनशन किया था, जिसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण की सह अध्यक्षता में एक 10 सदस्यीय मसौदा समिति बनाई गई थी। यह समिति प्रस्तावित विधेयक को तैयार कर रही है।
इससे पहले बेंगलुरू से लगभग 40 किलोमीटर दूर नेलामंगाला के निकट किसानों के एक समूह से कहा कि “जब यह विधेयक कानून बन जाएगा तब भ्रष्टाचार में 60 से 70 फीसदी तक कमी आएगी और भ्रष्टाचार को पूरी तरह मिटाने की बुनियाद कायम होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि विधेयक को तैयार करने या उसे पटरी से उतारने का प्रयास हुआ तो वह फिर से अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि भ्रष्टाचार विरोधी विधेयक को सच्चाई में बदलना सुनिश्चित करने के लिए वे आंदोलन को तैयार रहें।
उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियान की तुलना चोट लगने पर किए जाने वाले प्राथमिक उपचार से की और कहा कि भ्रष्टाचार के समूल सफाए के लिए जरूरी है कि बचपन से ही सही मूल्यों की शिक्षा दी जाए और यह काम महिलाएं सर्वाधिक बेहतर तरीके से कर सकती हैं। गांधीवादी अन्ना ने कहा कि 13 साल पहले मेरे गांव में 40 स्थानों पर शराब बनाई जाती थी, लेकिन आज गांव में कहीं भी ऐसा नहीं होता। मेरे गांव में न तो लोग धूम्रपान करते हैं और न ही कोई गुटखा खाता है। उन्होंने कहा, बिना किसी बैंक बैलेंस के सादगीपूर्ण जीवन जी रहे हजारे पूरी तरह स्वस्थ और बहुत खुश हैं जबकि यह आनंद कई करोड़पतियों को नसीब नहीं होता।

