अन्ना हजारे का अनशन अब राजघाट पर 8 जून से
राजनीति, विशेष 9:14 pm
अन्ना हजारे से पहले प्रतिबंध के कारण भारतीय जनता पार्टी ने अपना 24 घण्टे का सत्याग्रह राजघाट पर किया था. अन्ना हजारे ने 5 जून को ही दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेस करके घोषणा की थी कि वे बाबा रामदेव के दमन के विरोध में एक दिन का अनशन करेंगे. इसी प्रेस कांफ्रेस में उन्होंने यह घोषणा भी की थी कि वे उनकी टीम के बाकी सदस्य अब लोकपाल की बैठक में नहीं जाएंगे.
अन्ना के अनशन के फैसले पर अरविन्द केजरीवाल का कहना है शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आम नागरिक का संवैधानिक हक है इसलिए अब हम राजघाट पर एक दिन का अनशन करेंगे. अन्ना हजारे जिन्हें मीडिया ने एक गांधीवादी नेता के तौर पर प्रचारित कर दिया है. वे अब गांधी समाधि के सामने एक दिन के अनशन पर बैठेंगे.
अन्ना हजारे 5 जून से दिल्ली में हैं और 6 जून को लोकपाल के लिए बुलाई गयी साझा समिति की बैठक का बहिष्कार कर चुके हैं. बैठक के बहिष्कार के बाद कपिल सिब्बल ने कहा था कि सिविल सोसायटी के लोग भले ही इस मीटिंग में शामिल नहीं हुए लेकिन लोकपाल के लिए गठित ड्राफ्टिंग कमेटी तय समय 30 जून तक लोकपाल के लिए मसौदा तैयार कर लेगी.
कपिल सिब्बल के इस बयान पर अरविन्द केजरीवाल ने पलटवार करते हुए कहा है कि कपिल सिब्बल नहीं चाहते हैं कि सिविल सोसायटी से जुड़े लोग लोकपाल की मीटिंग में शामिल हों. इसीलिए वे अड़ंगा लगा रहे हैं. अरविन्द केजरीवाल का कहना है कि वे अपनी बातें हमारे मुंह में जबर्दस्ती ठूंस रहे हैं. हालांकि अरविन्द केजरीवाल और अन्ना हजारे दोनों का यही कहना है कि वे अभी लोकपाल के लिए गठित पैनल का बहिष्कार कर रहे हैं, उससे अलग नहीं हुए हैं.

