रैना दूसरी बार खराब अंपायरिंग का शिकार
मनोरंजन 5:09 pm
आँखों देखी न्यूज़ : भारतीय क्रिकेट टीम के धुरंधर बल्लेबाज सुरेश रैना वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी दूसरे टेस्ट मैच में एक बार फिर खराब अंपायरिंग का शिकार बने।
बल्लेबाजों की कब्रगाह बनी बारबाडोस की पिच पर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने मात्र 38 रन पर ही अपने चार विकेट गंवा दिए थे। मैच भारत की पकड़ से निकलता नजर आ रहा था, लेकिन तभी वी.वी.एस लक्ष्मण और सुरेश रैना के बीच पांचवें विकेट के लिए 117 रन की बेशकीमती साझेदारी होने के बाद ऐसा लगने लगा था कि भारतीय टीम की पारी संभल गई है। लेकिन अंपायर असद राउफ के एक निर्णय ने इन उम्मीदों पर पारी फेर दिया। कैरेबियाई गेंदबाज देवेंद्र बिशू की गेंद पर राउफ ने रैना को कैच आउट क्या दिया, भारतीय पारी 46 रनों में आखिरी छह विकेट गंवाकर 201 रनों पर सिमट गई।
बिशू की यह गेंद रैना के लेग स्टंप की ओर उम्मीद से ज्यादा उछली। रैना इस गेंद पर नियंत्रण रखने में नाकाम रहे। गेंद उनके थाई पैड से टकराकर फॉरवर्ड शॉर्ट लेग पर लपक ली गई। और अंपायर ने कैच आउट करार दिया। उस वक्त 53 रन के निजी स्कोर पर था।
अंपायर के इस फैसले से रैना चकित थे। टीवी रिप्ले में साफ पता चल रहा था कि गेंद रैना के बल्ले का किनारा नहीं लिया। रैना ड्रेसिंग रूम में जाने से पहले बाउंड्री लाइन के पास अंपायर के फैसले बदलने के इंतजार में खड़े रहे। रैना ने 105 गेंदों में सात चौकों की मदद से 53 रन बनाए। रैना ने 90 गेंदों का सामना करते हुए सात चौकों की मदद से अपने 50 रन पूरे किए।
इससे पहले सुरेश रैना किंग्सटन में खेले गए श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच में भी गलत अंपायरिंग का शिकार हो चुके हैं। भारत ने खराब अंपायरिंग के बावजूद यह टेस्ट मैच 63 रनों से जीता था।
इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई अंपायर डेरिल हार्पर ने भारत के खिलाफ तीन और वेस्टइंडीज के पक्ष में तीन-तीन विवादास्पद फैसले दिए थे। हार्पर ने सुरेश रैना, हरभजन सिंह और धोनी के खिलाफ गलत फैसले दिए जबकि उनके फैसलों से डेरेन ब्रावो को दो बार और शिवनारायण चंद्रपॉल को एक बार फायदा पहुंचा था।

