काबुल में आतंकी हमला
दुनिया 5:03 pm
नई दिल्ली ,आँखों देखी न्यूज़ : 40 साल से ज्यादा पुराना काबुल का इंटरकॉन्टिनेंटल होटल विदेशी सैलानियों के रुकने का सबसे पसंदीदा मुकाम माना जाता है। सोवियत हमले के बाद इंटरकॉन्टिनेंटल ग्रुप ने होटल की सरपरस्ती से अपने हाथ खींच लिए थे। 2008 में काबुल के सेरेना होटल पर तालिबानी हमले के बाद से यहां सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद आतंकी होटल को निशाना बनाने में कामयाब रहे।
काबुल का तीन सितारा इंटरकॉन्टिनेंटल होटल शहर के करते पारवान इलाके में है। अफगानिस्तान का ये पहला अंतर्राष्ट्रीय लग्जरी होटल दुनियाभर के सैलानियों का पसंदीदा होटल है। 200 कमरों वाला ये होटल हिंदुकुश की पहाड़ियों में ऐसी जगह है, जहां से पूरा शहर दिखाई देता है।
काबुल की पहाड़ी बाग-ए-बाला पर मौजूद इस होटल से घरेलू एयरपोर्ट सिर्फ 9 मील की दूरी पर है। शहर से भी करीब होने की वजह से ये होटल हमेशा विदेशियों से भरा रहता है। अफसरों और खास लोगों की शादियों में ये पहली पसंद है। तो देशभर में होने वाले अहम सरकारी गैर सरकारी जलसों का केंद्र।
2008 में काबुल के सेरेना होटल पर तालिबानी हमले और 8 लोगों के मारे जाने के बाद होटल इंटरकॉन्टिनेंटल की सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई थी। तब आतंकवादी पुलिस के भेस में सेरेना होटल में घुसे थे। इसके बाद 2009 में यूनाइटेड नेशंस के गेस्टहाउस पर आत्मघाती हमलावरों ने हमला कर तीन लोगों की हत्या कर दी थी। आतंकियों ने फिर सन 2010 में उत्तरी शहर कुंदूज में आत्मघाती हमला कर चार लोगों को मार डाला था। सभी ठिकाने अंतर्राष्ट्रीय लोगों को निशाना बनाने के लिए चुने गए थे।

