खुद कितने पाक साफ हैं बाबा रामदेव ?
राजनीति 9:50 pm
नई दिल्ली। काला धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सत्याग्रह कर रहे योग गुरु बाबा रामदेव पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सवाल उठने लगा है कि रामदेव धर्म साम्राज्य चलाते हैं या फिर धन साम्राज्य? शनिवार रात के राजनीतिक घमासान के बाद एक बार फिर से ये सवाल उठने शुरू हो गए हैं। कांग्रेस नेता उन्हें ठग करार देने की कोशिश में हैं। वैसे आईबीएन7 के हाथ लगे दस्तावेज बाबा की अकूत संपत्ति की कहानी कहते हैं।
दस्तावेजों की मानें तो बाबा के खास आचार्य बालकृष्ण ये वो चेहरा हैं जो बाबा के साए की तरह उनके साथ रहते हैं। इनको बाबा का उत्तराधिकारी भी बताया जाता है। दस्तावेजों से खुलासा होता है कि बालकृष्ण 45 कंपनियों के डायरेक्टर हैं। वहीं माना जाता है कि ये बाबा रामदेव की ही कंपनियां हैं।
आरजेडी मुखिया लालू यादव का कहना है कि बाबा रामदेव कॉरपोरेट बाबा है। मालूम हो कि आईबीएन7 के हाथ लगे दस्तावेजों में उन सारी कंपनियों के ब्यौरे हैं जिनके डायरेक्टर बालकृष्ण हैं। कंपनियों में पतंजलि वैदिक ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड, झारखंड मेगा फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड, पतंजलि परिधान प्राइवेट लिमिटेड, पतंजलि टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड जैसे कई कंपनियां शामिल हैं।
ऐसे में सवाल ये है कि आखिर एक योगी को ब्रॉडकास्ट, फूड और कपड़े की कंपनी खोलने की क्या जरूरत पड़ गई। ऐसी पैंतालीस कंपनियों को खोलने का मकसद क्या है? कहीं ऐसा तो नहीं कि टैक्स चोरी के मकसद से इन कंपनियों को खोला गया है?
कहीं इन कंपनियों की आड़ में काले धन को ठिकाने लगाने का काम तो नहीं किया जा रहा? इतना ही नहीं दस्तावेज ये भी बताते हैं कि बाबा के कई उत्पादों को विदेश में नकार दिया गया है।
ऐसे में बाबा पर सवाल उठना लाजिमी है।

