लखनऊ : डॉक्टर सचान के परिजनों ने किया शव लेने से इनकार


लखनऊ, आँखों देखी न्यूज़ : दो सीएमओ हत्याकांड के मुख्य आरोपी डिप्टी सीएमओ डॉक्टर सचान की मौत की फिलहाल सीबीआई जांच नहीं होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने डॉ. सचान के परिवार की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी है। डॉ. सचान के परिवार वालों ने मौत की जांच सीबीआई से कराए जाने की गुहार करते हुए हाईकोर्ट में अर्जी दी थी। परिवार ने इस मांग को माने जाने तक शव लेने से इनकार कर दिया है। इसके बाद उत्‍तर प्रदेश पुलिस डॉ. सचान के घर जबरन घुस गई। पुलिसवाले परिवार को किसी तरह शव सौंपना चाह रहे हैं।
इस बीच सचान की मौत का राज गहराता जा रहा है। डॉ. सचान लखनऊ की जिस जेल में न्‍यायिक हिरासत के दौरान बंद थे, उसके जेलर गायब बताए जा रहे हैं। हालांकि यूपी सरकार ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि लखनऊ जेल के जेलर जे पी श्रीवास्तव छुट्टी पर गए हैं। डॉ. सचान की मौत के बाद जेलर सहित पांच लोगों को सस्पेंड कर दिया गया है।
कहा जा रहा है कि जेलर जे पी श्रीवास्तव बुधवार सुबह पहले जेल आए और उसके बाद किसी को कुछ बताए बिना गायब हो गए और अभी तक गायब हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि लखनऊ के जेलर बिना बताए छुट्टी पर गए थे इसलिए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।
ज्यादा खून बहने से हुई मौत
डॉ. सचान के शव के पोस्टमॉर्टम के बाद सूत्रों का दावा है कि सचान की मौत खून के रिसाव से हुई। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों को सचान के शरीर पर छह जगह गंभीर चोट के निशान मिले हैं। हाथ में कई जगहों पर नसें कटी हुई हैं। इसके बाद साफ हो गया कि सचान की मौत बेल्ट का फंदा लगाकर नहीं हुई है। जबकि सचान के गले में बेल्ट लिपटा मिला था।
जेलर सहित पांच लोग सस्पेंड
सरकार ने इस मामले में जेलर सहित पांच लोग सस्पेंड कर दिए गए हैं। सचान डायरी लिखते थे और डायरी का पहला पेज फटा हुआ है। पुलिस डायरी की जांच करा रही है। अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (जेल) वी.के.गुप्ता ने कहा कि पांच जेल अधिकारी और कर्मचारी को काम में शिथिलता बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है। डा.सचान की बुधवार को लखनऊ जेल में रहस्यमय मौत हो गई जिसे सरकार खुदकुशी बता रही है।
विपक्ष ने साधा माया पर निशाना
विपक्ष का दावा ज्यादा मजबूत दिखयी दे रहा है कि सचान की मौत बेल्ट नहीं बल्कि ज्यादा खून रिसने से हुई है। डा. सचान को गुरूवार को अदालत में पेश किया जाना था, जहां से पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने वाली थी। उनकी मौत ने एनएचआरएम की अनियमितता छह माह में दो सीएमओ की मौत से जुड़े कई नये सवाल खड़े हुए हैं। समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे पर गुरूवार को प्रदेष भर में प्रदर्शन किया, कइ जगहो पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठियां भांजी। सभी राजनीतिक दलों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
उप्र कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष डॉ0 रीता बहुगुणा ने आज पूर्वान्ह जेल में संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई डा0 सचान मौत के बन्ध में उनके आवास जानकीपुरम पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त किया। घर में मौजूद डा0 सचान की पत्नी ने शंका व्यक्त करते हुए बताया कि उनके पति के पास बेल्ट और ब्लेड थी ही नहीं, फिर उनकी मौत बेल्ट से फांसी लगाने एवं ब्लेड से नस काटने के कारण कैसे हो गयी? उन्होने बताया कि डा0 सचान जेल जाते समय बेल्ट घर छोड़कर गये थे और शेविंग का सामान जेल में नहीं पहुच सका था, फिर यह सामान उनके पास कैसे पहुंचे? इस पर डॉ0 जोशी ने उनकी पत्नी को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
डॉ सचान की रहस्यमय मौत को लेकर जो सवाल हैं उनमें सबसे अहम बेल्ट है। जब जेल में बेल्ट रखने की इजाजत नहीं मिलती, फिर डॉ सचान के पास बेल्ट कैसे आयी। इसके अलावा उन्होंने किस धारदार हथियार से नस काटी। यह हथियार उनके पास कैसे आया। उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान कैसे आए। क्या वे डिप्रेशन में थे, जबकि उनके भाई आरके सचान का दावा है कि दो दिन पूर्व वे उनसे मिले थे, तब वे पूरी तरह सामान्य थे। जब वे हाई सिक्युरिटी जोन में रखे गए थे, तो वे पहली मंजिल पर बने बाथरूम में कैसे पहुंचे। लाश जिस बाथरुम में मिली है, वो हाल ही में बना है और फिलहाल उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा था।
डा. सचान के भाई आरके सचान ने आरोप लगाया है कि सफेदपोशों को बचाने के लिए सचान को बलि का बकरा बनाया गया। उन्होंने कहा कि वे दिल के मरीज थे, लेकिन उन्हें इसके मुताबिक सुविधाएं नहीं दी गईं। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की है। सवाल किया कि यदि उन्होंने बेल्ट लगाकर आत्महत्या की तो फिर सीने और गले सहित शरीर पर 6 स्थानों पर चोट के निशान कहां से आए

Posted by गजेन्द्र सिंह at 4:43 pm.

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