केंद्र सरकार पर जमकर बरसे योगगुरु बाबा रामदेव
राजनीति 10:58 pm
स्वामी रामदेव ने कहा कि केंद्र सरकार ने उनके आंदोलन को कुचलने की पूरी कोशिश की लेकिन इस आंदोलन को मिटाया नहीं जा सकता है.
भ्रष्टाचार और काला धन के खिलाफ इस महीने की शुरुआत में अनशन करने वाले योग गुरु बाबा रामदेव रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल अपनी अनुयायी राजबाला से मिलने रविवार को नई दिल्ली पहुंचे. उनसे मिलने के बाद बाबा रामदेव ने कहा कि 4 जून की रात रामलीला मैदान पहुंची पुलिस उनकी हत्या करना चाहती थी.'पुलिस ने किया बर्बर अत्याचार'
रविवार शाम आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में योगगुरु ने अपने समर्थकों को यह कहते हुए धन्यवाद दिया कि रामलीला मैदान पर पुलिस की कार्रवाई में महिलाओं और बच्चों के साथ जो अन्याय हुआ उसे पूरे विश्व ने देखा.
अनशन पर सरकार की ओर से हुई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए रामदेव ने कहा कि यदि सरकार को संदेह था कि वह कुछ अवैध कर रहे हैं तो सरकार के चार केंद्रीय मंत्री उनसे मिलने एयरपोर्ट क्यों गए और प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने उन्हें पत्र क्यों लिखा. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी हत्या करने के लिए पुलिस को रामलीला मैदान भेजा गया था.
'दिल्ली पुलिस मेरी हत्या करना चाहती थी'
रामदेव ने कहा कि पुलिस रामलीला मैदान मुझे गिरफ्तार करने नहीं आई थी. वह मेरी हत्या करनी चाहती थी. मैं इसके बारे में कोई सबूत नहीं दूंगा क्योंकि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लम्बित है.
भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियान के बारे में योगगुरु ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरी मुहिम जारी रहेगी. सत्ताधारी दल द्वारा मीडिया के माध्यम से मुझ पर राजनीतिक दलों या संगठनों का मुखौटा होने का आरोप लगाया जा रहा है. मैं देश के 120 करोड़ लोगों का मुखौटा हूं. मेरा कोई दल नहीं है. मैं किसी भी राजनीतिक दल से सम्बंध नहीं रखता. मैं भ्रष्टाचार के विरुद्ध खड़े लोगों के साथ हूं चाहे वह किसी भी दल या सम्प्रदाय के हों.
राजनीतिक दलों से सम्बंध का आरोप लगाने वालों के सवाल पर उन्होंने कहा कि दुष्प्रचार करने वालों और गैर-जिम्मेदाराना बयान देने वालों की मुझे कोई परवाह नहीं है.
'विदेशों में सारा धन सरकार और उसके सहयोगियों का'
बाबा ने कहा कि विदेशों में सारा धन सरकार और उसके सहयोगियों का है. अगर ऐसा नहीं है तो सरकार को पुलिस कार्रवाई करने की जगह उस धन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित करना चाहिए था. उन्होंने एक थैले की तरफ इशारा करते हुए बताया के इसमें सरकार के 200 लाख करोड़ के कालेधन का हिसाब है. सरकार को इसका हिसाब देना चाहिए.
इसके पहले बाबा रामदवे ने जी.बी.पंत अस्पताल जाकर गुड़गांव की रहने वाली 51 वर्षीय राजबाला से मुलाकात की.
राजबाला के स्वास्थ्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यदि वह ठीक हो जाती हैं तो यह एक चमत्कार से कम नहीं होगा. उन्होंने कहा, "यदि पुलिस यह कहती है कि उसने राजबाला को चोट नहीं पहुंचाई तो यह किसने किया. उन्हें जीवन रक्षक उपकरण पर रखा गया है."
उधर, दिल्ली पुलिस ने कहा कि बाबा रामदेव के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है.
भ्रष्टाचार और काला धन के मुद्दे पर बाबा रामदेव रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे थे. इस दौरान उनके साथ हजारों समर्थक भी मौजूद थे. पुलिस द्वारा चार जून की आधी रात को समर्थकों पर की गई कार्रवाई में कई लोग घायल हो गए थे, जिनमें राजबाला भी शामिल थी.
इस घटना के बाद बाबा रामदेव को दिल्ली छोड़ने और 15 दिनों तक शहर में न लौटने का निर्देश जारी किया गया था. रामदेव हरिद्वार जाकर 12 जून तक भूख हड़ताल पर बैठे थे.

