हरिद्वार :रामदेव को था अपनी जान का खतरा
3:35 pm
हरिद्वार,आँखों देखी संवाददाता : दिल्ली के रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए बाबा रामदेव ने रिहा होने के बाद रविवार को यहां कहा कि बीती रात इतिहास की सबसे काली रात थी। रामलीला मैदान में जो बर्बर और वीभत्स अत्याचार हुए उन्हे याद करके उनके रोंगटे खडे़ हो जाते है। बाबा रामदेव ने कहा कि उन्हे जान से मारने की साजिश रची गई थी।
हरिद्वार पहुंचे बाबा रामदेव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मैंने बार-बार पुलिस वालों से अपील की कि महिलाओं, बच्चों को छोड़ दो लेकिन उन्होंने सबको घसीट-घसीट कर मारा। चारों तरफ गोलियां और आंसू गैस के गोले चल रहे थे। हर तरफ आंसू गैस का गुबार था। मुझे मारने की पूरी साजिश थी। मैं इस बर्बरता में मरना नहीं चाहता था। एक दीवार की ओट में मैं दो घंटे छुपा रहा और कुछ महिलाओं की मदद से मैं बाहर निकल रहा था लेकिन पुलिस वालों ने मुझे पकड़ लिया। बाबा रामदेव ने कहा कि पुलिस ने मेरे साथ बदतर सलूक किया। कपड़े से मेरा गला घोंटने की कोशिश की।
बाबा रामदेव ने कहा कि करीब पांच से 10 हजार पुलिसकर्मियों ने अचानक आकर लोगों पर लाठियां बरसाना और आंसू गैस छोड़ना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि जो अत्याचार हुआ वैसा कसाईघरों में भी जानवरों के साथ नहीं किया जाता।
बाबा रामदेव ने कहा कि इतनी क्रूरता आपातकाल में भी नहीं हुई। बाबा ने कहा कि तीन तारीख को होटल में मंत्रियों की मौजूदगी में हुई वार्ता के समय भी पुलिस लगाई गई थी और यह साजिश रची गई थी यदि बाबा समझौता नहीं करेंगे तो या तो उनका एनकाउंटर कर दिया जाएगा या गायब कर दिया जाएगा।
रामदेव ने कहा कि मेरे जीवन पर कोई भी खतरा हुआ तो सोनिया गाधी और काग्रेस सरकार जिम्मेदार होगी। उन्होंने कहा कि मेरा अनशन अभी खत्म नहीं हुआ है।
रामदेव ने कहा कि पुलिस की बर्बर कार्रवाई के विरोध में आज और कल देश भर में काला दिवस मनाया जाएगा।

