पूर्णिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा का दबदबा
3:11 pm
बिहार, आँखों देखी न्यूज़ : बिहार में पूर्णिया विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी [भाजपा] की उम्मीदवार और दिवंगत विधायक राजकिशोर केसरी की पत्नी किरण केसरी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी काग्रेस के रामचरित्र यादव को 23,665 मतों से बुधवार को पराजित कर सत्तारुढ़ राजग का इस सीट पर कब्जा बरकरार रखा।
भाजपा विधायक राजकिशोर केसरी की गत चार जनवरी को हत्या हो जाने के कारण रिक्त पूर्णिया सीट के लिए 25 जून को मतदान हुआ था। आज हुई मतगणना में दिवंगत विधायक की पत्नी किरण केसरी ने काग्रेस उम्मीदवार को पराजित किया।
किरण को 53,732 वोट प्राप्त हुए जबकि काग्रेस उम्मीदवार 30,067 मत पाकर पिछली बार की तरह दूसरे स्थान पर रहे। 2010 में विधानसभा चुनाव में भी यादव को दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था।
माकपा उम्मीदवार और दिवंगत नेता अजित सरकार के पुत्र अमित सरकार 17,113 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें भाकपा और राजद का समर्थन प्राप्त था जबकि विपक्षी दल लोजपा ने काग्रेस को अपना समर्थन दिया था।
इस उपचुनाव में सात उम्मीदवार खड़े थे लेकिन मुख्य मुकाबला सत्तारुढ़ भाजपा, विपक्षी काग्रेस और माकपा के बीच था। शेष चार उम्मीदवारों सतीश साह [निर्दलीय], इस्लामुद्दीन [भाकपा माले], ओमप्रकाश भगत [झारखड मुक्ति मोर्चा] और केके झा [निर्दलीय] की जमानत भी जब्त हो गई।
किरण केसरी की जीत के साथ भाजपा के विधायकों की संख्या फिर से 91 पहुंच गई जबकि गत 26 जून को एक विधायक की असामयिक मौत के कारण जदयू के कोटे में 114 विधायक रह गए हैं। सीवान जिले के दरौंधा की विधायक जगमातो देवी का गत रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।
गौरतलब है कि पूर्णिया के विधायक राजकिशोर केसरी की जनवरी के प्रथम सप्ताह में एक महिला द्वारा हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद यह सीट रिक्त हुई थी। इस चुनाव में सात उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे थे। उपचुनाव के लिए 25 जून को मतदान हुआ था।
इस उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल [राजद] और लोक जनशक्ति पार्टी [लोजपा] के बीच भी दरार पड़ गई। राजद ने जहां मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी [माकपा] के प्रत्याशी अमित सरकार को अपना समर्थन दिया था वहीं लोजपा ने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन दिया था।

