अति पिछड़ों का शोषण बंद हो : अमर सिंह
राजनीति 7:45 am
तमाम राजनीतिक दल अति पिछड़ों के वोट बैंक के बलबूते सत्ता तो हासिल कर लेते हैं लेकिन इन दलों ने उनके लिए कुछ भी नहीं किया है.
आजमगढ़ के डीएवी मैदान में आयोजित पृथक पूर्वांचल चौहान स्वाभिमान सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमर सिंह ने अति पिछड़ों को भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय लोकमंच उन्हें संगठन, टिकट और सत्ता तीनो में भागीदारी देने को कटिबद्ध है.
लोकमंच प्रमुख ने कहा कि उनकी कोशिश है कि वह अति पिछड़ों को इतना मजबूत बना दें कि कोई भी राजनीतिक दल उनका शोषण न कर सके, और वह अपने हक व हुकुक की लड़ाई स्वयं लड़ सकें. दरअसल जिस उद्देश्य को लेकर मंडल कमीशन लागू किया गया था, उसका फायदा सभी पिछड़ों को नहीं मिला. श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में मंडल आयोग का फायदा एटा, इटावा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद के लोगों ने उठाया.
मंडल कमीशन का लाभ सबको बराबर नहीं मिला जबकि इसका उद्देश्य सबको बराबर हक दिलाने का था. मंडल कमीशन का लाभ पूरब के लोगों को नहीं मिला, जिसके चलते यहां के पढ़े -लिखे बेराजगार युवक दूसरे देशों, प्रांतों को पलायित हो रहे हैं.
उन्होंने बसपा की मुखिया मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि बसपा ने सभी जातियों के प्रमुख नेताओं को पार्टी में पदाधिकारी बना कर उनके बिरादरी के वोट बैंक पर कब्जा किया हुआ है. अति पिछड़ों को मायावती ने प्रतीक बना दिया है. जबकि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने यह भी नहीं किया.
उन्होंने व्यंग्य भरे लहजे में कहा कि बसपा के दो दांत है एक खाने के व एक दिखाने के, लेकिन लोकमंच के प्रदेश अध्यक्ष योगेन्द्र चौहान हमारे दिखाने के दांत नहीं हैं. प्रदेश की बसपा सरकार बेजान मूर्तियों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है जबकि पूर्वांचल का विकास ठप्प हो गया है. अगर इनके करोड़ों रुपये को विकास के मद में खर्च किया जाता तो पूर्वांचल की जनता काफी हद तक मजबूत हुई होती.
उन्होंने चौहान सम्मेलन में आये सभी चौहान बिरादरी के अलावा अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को हिदायत दी कि ऊंच नीच व बिरादरीवाद को छोड़ कर एकजुट हों तथा अपने हक व स्वाभिमान की लड़ाई लड़ें तभी पूर्वांचल राज्य का सपना व विकास संभव होगा. सम्मेलन की अध्यक्षता लोकमंच के प्रदेश अध्यक्ष योगेन्द्र चौहान ने तथा संचालन वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष विजेन्द्र सिंह ने किया.
इस मौके पर प्रदेश प्रभारी अरविन्द सिंह, चन्द्रजीत सिंह, सत्येन्द्र चौहान, हरिवंश सिंह, वीरभद्र प्रताप सिंह, एमबी राजभर, राकेश पाठक, गोपाल यादव, अनिल भदौरिया, सुरैया, कृष्णा सिंह आदि लोग मौजूद रहे.
बिरादरीवाद की राजनीति करना बंद करें नेता
लोकमंच प्रमुख सांसद अमर सिंह ने कहा कि मैं आप लोगों का नेता नहीं साथी हूं. मुझे नेता बनने की आकांक्षा नहीं है बल्कि मैं सेवक बन कर जनता की सेवा करता रहूंगा. उन्होंने कहा कि आजमगढ़ जनपद राजभर व चौहान बाहुल्य है. नेता बिरादरीवाद के आधार पर अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकते रहते हैं. अगड़ा-पिछड़ा सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक गैर बराबरी की दूषित मानसिकता रखते हैं.
सभी जाति के लोगों को एक साथ बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए. वर्तमान में समाज में हम छोटे-बड़े जरूर हैं लेकिन जब तक हाथ की अंगुलियों को मोड़ कर हम मुटठी नहीं बाधेंगे तब तक बराबरी नहीं हासिल कर सकते हैं. प्रदेश के विकास के लिए केन्द्र सरकार से 40 हजार करोड़ रूपये मिलता है प्रदेश की आबादी 18 करोड़ है, जिसमें से 9 करोड़ की आबादी पूर्वांचल की है.
इसलिए पूर्वांचल के विकास के लिए 20 हजार करोड़ रूपये का हक बनता है, लेकिन अनुपूरक बजट में मिलता है मात्र 20 करोड़. बाकी धन मूर्तियों व पार्को के निर्माण पर खर्च कर दिया जाता है. हम नेताओं को यह नहीं भूलना चाहिए कि हमने जो वादा वोट मांगते समय जनता से किया था, उसे पूरा करना होगा. हमें सभी जाति धर्म व मजहब को तोड़ कर पूर्वांचल के विकास से नाता जोड़ने का कार्य करना होगा. तभी विकास संभव है.

