कोलकाता : कोंग्रेस ने खोला हजारे और रामदेव के खिलाफ मोर्चा
राजनीति 7:44 pm
कोलकाता, आँखों देखी न्यूज़ : अन्ना हजारे और बाबा रामदेव के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के जवाब में कांग्रेस ने प्रचार अभियान की शुरूआत करते हुए नागरिक समाज के एक हिस्से पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।
वित्त मंत्री मुखर्जी ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि संविधान ने केवल संसद और और राज्य विधानसभाओं को कानून बनाने का अधिकार दिया है। अगर 5,000 अथवा 6,000 लोग बाहर से यह निर्देशित करने लगे कि संसद को क्या करना चाहिए तो यह लोकतंत्र को कमजोर बनाएगा।
पार्टी के विचारों से संबंधित अंग्रेजी में एक दस्तावेज को जारी करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरे देश में जागरूकता अभियान चलाने जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस दस्तावेज को अन्य भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा। हमारे विचारों को सामने रखने के लिए जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक चर्चा और सेमिनारों का आयोजन किया जाएगा। लोकपाल बिल को 15 अगस्त तक पारित किए जाने के हजारे के समयसीमा को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्र ने सुझाव दिया था कि लोक पाल बिल को संसद के मानसून सत्र में पेश कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि समय सीमा के बारे में बताना संभव नहीं है कि इस बिल को कब पास किया जाएगा। मुखर्जी ने हजारे के मसौदा निर्माण की प्रक्रिया का वीडियोग्राफी कराए जाने की मांग को नकारते हुए कहा कि मसौदा समिति के सदस्यों की स्वतंत्रतापूर्वक विचार अभिव्यक्ति को देखते हुए इसे पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि उनके विचार आडियो माध्यम में उपलब्ध होंगे।
मुखर्जी ने कहा कि प्रत्येक शब्द को आडियो में रिकार्ड किया जाएगा। जब इसकी आवश्यकता होगी तो इसे एक साथ प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मसौदा समिति के प्रत्येक बैठक की आडियो रिकार्डिग कार्मिक मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी और अगर लोगाें की इच्छा हो तो वे इसे बेबसाइट से सुन सकते है।
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने हजारे और रामदेव से पहले बातचीत क्यों की तो उन्होंने कहा कि हमने उन्हें एक मौका दिया क्योंकि अगर आप उनसे बात नहीं करते तो आप पर अक्खड़ होने का आरोप लगता। और अब आपने बात की तो कहा गया कि आप कमजोर है।
उनसे पूछा गया कि क्या स्थिति 1970 के दशक में केंद्र के लगाए गए आपातकाल के समान है तो उन्होंने कहा यह पूरी तरह से समान नहीं हैं लेकिन कुछ समानताएं हैं, लेकिन मैं इस बात का आश्वासन दे सकता हूं कि आपातकाल को नहीं दुहराया जाएगा।

