मुंबई में सीरियल ब्लास्ट, 18 की मौत
11:03 am
मुंबई, मुंबई में आतंक का वीभत्स चेहरा फिर दिखा। शहर के भीड़ - भाड़ वाले इलाकों में बुधवार शाम करीब सात बजे सीरियल ब्लास्ट हुए , जिनमें 18 लोगों की जान चली गई और 131 घायल हो गए। गृह मंत्री पी. चिदंबरम के मुताबिक घायलों में 23 की हालत नाजुक है। वैसे, बुधवार देर रात सीरियल ब्लास्ट में 21 लोगों के मरने की खबर आई थी लेकिन सुबह चिदंबरम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 18 मौतों की पुष्टि की।
तीन में से दो धमाके करीब - करीब एक साथ दक्षिण मुंबई के झावेरी बाजार और ओपेरा हाउस इलाके में हुए। तीसरा ब्लास्ट दादर के कबूतरखाना इलाके में हुआ। पहले दो धमाके भीड़ - भाड़ वाले बाजारों में हुए। ये बाजार संकरी गलियों के बीच हैं , जहां दोनों ओर दुकानें और फूड जॉइंट हैं। वहीं दादर में एक बस सेल्टर के ऊपर विस्फोटक रखे गए थे।
झावेरी बाजार और ओपेरा हाउस देश के सोना और हीरा कारोबार के केंद्र हैं। धमाके वहां ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की नीयत से किए गए थे। तीनों ब्लास्ट 15 मिनट के अंदर हुए। इसमें पहला धमाका शाम 6.50, दूसरा 6.55 और तीसरा 7.05 बजे हुआ। यह वह वक्त था , जब इन इलाकों में काम करने वाले लोग घर जाने से पहले चाय और खाने - पीने की दुकानों के आगे जमा हुए थे।
चश्मदीदों ने बताया कि धमाके जोरदार थे और घटनास्थल पर लोगों की लाशें पड़ी थीं या वे दर्द से कराह रहे थे। झावेरी बाजार में जब विस्फोट हुआ , तब मुस्तफा फखरुद्दीन पटाखरेवाला पास के क्राफोर्ड मार्केट में थे। उन्होंने वहीं विस्फोट की आवाज सुनी। मुस्तफा ने बताया , ‘ अफरातफरी का माहौल था। चारों ओर काला धुआं फैला हुआ था। मुझे पता नहीं चला कि किसकी जान चली गई है और कौन जिंदा है। ' उन्होंने बताया कि धमाके की आवाज सुनने के तुरंत बाद वह घटनास्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने दूसरों के साथ कई लोगों को हाथगाड़ी और टैक्सी से पास के अस्पताल पहुंचाया। तब तक पुलिस वहां नहीं पहुंची थी।
एक और चश्मदीद संतोष जैन ने बताया कि उनकी दुकान घटनास्थल के पास है। वह उस वक्त बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर थे , जब उन्होंने धमाके की आवाज सुनी। विस्फोट से पूरी बिल्डिंग हिल गई। पहले हुए दो धमाकों के पास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा था और साइनबोर्ड घटनास्थल से 100 मीटर दूर जाकर गिरे थे।
इंडियन मुजाहिदीन पर शक
गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इन धमाकों को ' समन्वित आतंकवादी हमला ' करार दिया , जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने इसे ' हिंदुस्तान के दिल पर हमला ' कहा। केंद और राज्य सरकार इस बारे में कहने से बचती दिखीं कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। शक की सुई इंडियन मुजाहिदीन की ओर घूम रही है , जो मुंबई और देश के अन्य हिस्सों में हाल में हुए इस तरह के हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है। दिल्ली में गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें धमाकों के बारे में कोई पूर्व खुफिया जानकारी नहीं थी।
आईईडी का इस्तेमाल पुलिस का कहना है कि सभी तीन जगह हुए धमाकों में आईईडी का इस्तेमाल किया गया और इन्हें विस्फोट से कुछ पहले लगाया गया था। पुलिस कमिश्नर अरूप पटनायक ने कहा कि दक्षिणी मुंबई में हुए धमाके , दादर में हुए विस्फोट की तुलना में ज्यादा भीषण थे। पुलिस ने प्रभावित इलाकों को घेर लिया है और शहर भर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एलीट एनएसजी समेत कमांडो यूनिट को तैयार रहने के लिए कहा गया है और रेलवे स्टेशन , सड़कों , हवाई अड्डों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गई है। दिल्ली और हैदराबाद से सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी से फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं , जहां वह सैम्पल और धमाकों में इस्तेमाल विस्फोटक के सुराग बटोरेगी।

