मुंबई : जातिवाद में विश्वास नहीं करते अमिताभ
7:05 pm
मुंबई, बॉलीवुड महानायक अमिताभ ब"ान जातिवाद में विश्वास नहीं करते और न ही उन्हें कभी जाति के कारण पक्षपात सहना पड़ा। उन्हें गर्व है कि उनके पिता ने उन्हें एक ऐसा उपनाम दिया है जो किसी जाति को प्रदर्शित नहीं करता।
अमिताभ जाति-आधारित आरक्षण पर बनी निर्देशक प्रकाश झा की फिल्म आरक्षण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अमिताभ ने कहा, मुझे जब भी असफलता या अस्वीकृति मिली तो ऐसा मेरी अक्षमताओं के कारण हुआ न कि जाति के कारण।
शोले और दीवार जैसी सफलतम फिल्में देने वाले बिग बी कहते हैं, अपनी कमियों के कारण अस्वीकृत होना सही है क्योंकि मैं यदि कोई विशेष कार्य करने में सक्षम नहीं हूं तो दूसरे व्यक्ति को मुझे अस्वीकृत करने का अधिकार है। मैं राजनीति में अपनी अक्षमताओं के कारण असफल हुआ, अपनी जाति के कारण नहीं।
आरक्षण 12 अगस्त को प्रदर्शित होगी। इसमें अमिताभ एक निजी शिक्षण संस्थान के प्राचार्य की भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म की कहानी एक आदर्शवादी प्राचार्य प्रभाकर आनंद (अमिताभ) और उनके ईमानदार शिष्य दीपक कुमार (सैफ अली खान) के इर्द-गिर्द बुनी गई है। अमिताभ कहते हैं, मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे उपनाम का वाहक हूं जो मेरे पिता ने शुरू किया और जिसका कोई जातिगत संदर्भ नहीं है। मेरे पिता शायद उस समय इलाहबाद में अंतर्जातीय-विवाह करने वाले पहले व्यक्ति होंगे।
अमिताभ ने कहा, उन्होंने एक सिख से शादी की जबकि वह उत्तर प्रदेश के कायस्थ थे। जब स्कूल में मेरे दाखिले की बात आई और जब शिक्षकों ने मेरा उपनाम पूछा तो मेरे पिता का कहना था कि वह ऐसा उपनाम नहीं चाहते जो किसी जाति को प्रदर्शित करता हो तब उन्होंने मुझे ब"ान उपनाम दिया। वह इसी उपनाम से लेखन करते थे।

