मुंबई हमले में इंडियन मुजाहिदीन का हाथ!
6:34 pm
नई दिल्ली : बुधवार को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की जांच अभी प्रारंभिक चरण में ही है, परंतु खुफिया एजेंसियो के सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि इन धमाकों में इंडियन मुजाहिदीन [आईएम] का हाथ हो सकता है। 13, मई 2008 को जयपुर और 13 सितंबर, 2008 को दिल्ली में धमाके करने के बाद आतंकियों ने 13 जुलाई 2011 को मुंबई को विस्फोट के लिए चुना।
लगभग आधा दर्जन मामलों से इस बात के सबूत मिले हैं कि आतंकी 13 तारीख को धमाके करते हैं। सूत्रों के मुताबिक आतंकियों ने अपने ई-मेल में भी इस ओर इशारा किया है कि वे 13 तारीख को शहरों को निशाना बनाएंगे और सुरक्षा एजेंसियां उन्हें रोक नहीं पाएंगी।
खुफिया एजेंसियों के पास इस बात की जानकारी थी कि इंडियन मुजाहिदीन के नएसदस्य दिल्ली और कुछ अन्य शहरों में फिर से सक्रिय हो गए हैं। दिल्ली में वर्ष 2008 में बटला हाउस एनकाउंटर के बाद आतिफ अमीन के नेतृत्व वाले आइएम धड़े की शक्ति क्षीण हुई थी।
इंटेलीजेंस ब्यूरो [आईबी] के सूत्रों का कहना है कि उनकी ओर से हाल ही में बम विस्फोट की आशंका के बारे में सूचना सभी राज्यों को दे दी गई थी। एक अधिकारी ने बताया, 'हमने अलर्ट जारी कर कहा था कि आतंकी देश में कई शहरों को निशाना बना सकते हैं।'
रिपोर्टो के मुताबिक आतंकियों ने हाल में अपनी बातचीत में 'कैपिटल' की जगह पर 'सिटीज' जैसे शब्दों का प्रयोग प्रारंभ किया है। इस बात की सूचना सभी राज्यों को दे दी गई थी। दिल्ली भी आतंकियों के निशाने पर हो सकती है।
इंटेलीजेंस ब्यूरो [आईबी] के सूत्रों का कहना है कि उनकी ओर से हाल ही में बम विस्फोट की आशंका के बारे में सूचना सभी राज्यों को दे दी गई थी। एक अधिकारी ने बताया, 'हमने अलर्ट जारी कर कहा था कि आतंकी देश में कई शहरों को निशाना बना सकते हैं।'
रिपोर्टो के मुताबिक आतंकियों ने हाल में अपनी बातचीत में 'कैपिटल' की जगह पर 'सिटीज' जैसे शब्दों का प्रयोग प्रारंभ किया है। इस बात की सूचना सभी राज्यों को दे दी गई थी। दिल्ली भी आतंकियों के निशाने पर हो सकती है। [मिड डे]
बारिश धो रही सबूतों को..!
मुंबई। मुंबई को दहलाने वाले सिलसिलेवार बम विस्फोटों की जांच को एक बड़ा धक्का बारिश के कारण लग सकता है। महानगर में लगातार बरसात हो रही है और फोरेंसिक विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विस्फोटों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूतों के जुटाए जाने से पहले धुल जाने का खतरा है।
महाराष्ट्र के फोरेंसिक विशेषज्ञों का साथ देने के लिए दिल्ली की सेंट्रल फोरेंसिक लेबोरेट्री के विशेषज्ञ यहां पहुंच चुके हैं और वे बरसते पानी में सबूत इकट्ठा करने में लगे हुए हैं। एक पुलिस अफसर ने कहा, 'हो सकता है कि बरसात बहुत ज्यादा असर न डाले, लेकिन कुछ सबूत तो नष्ट हो ही जाएंगे।'
जिन इलाकों में विस्फोट हुए हैं, वहां मुंबई आतंकवाद निरोधी पुलिस स्क्वाड अत्याधुनिक हथियारों और खोजी कुत्तों के साथ लगातार तलाशी अभियान में लगी हुई है। उसकी कोशिश है कि विस्फोटों के जितने ज्यादा संभव हों, उतने अधिक सबूत जुटाए जाएं।

