डीयू में नए सत्र का आगाज आज से
शिक्षा 5:13 pm
ग्रेजुएशन की 54 हजार सीटों के लिए करीब डेढ़ माह से ज्यादा चली दाखिला प्रक्रिया के बाद फिर से 21 जुलाई को कॉलेज खुलने जा रहे हैं. नए सत्र की शुरुआत को लेकर जहां नए छात्र उत्साह से लबरेज नजर आ रहे हैं, वहीं पुराने छात्र भी उनके स्वागत के लिए तैयार दिख रहे हैं.
हालांकि रैगिंग को लेकर फंसने का डर उनके मन में कहीं न कहीं जरूर देखने को मिल रहा है. डीयू प्रशासन ने इस बार भी रैगिंग रोकने के पुख्ता इंतजाम किए हैं.
उनकी कोशिश है कि ऐसी किसी भी घटना को दबाया न जा सके. यही कारण है कि इस बार प्रॉक्टर प्रो.एचपी सिंह दिल्ली पुलिस, दिल्ली परिवहन निगम व मेट्रो के माध्यम से शिकायत व उसके बाद होने वाली कार्रवाई को नए छात्रों के बीच प्रचारित करने में जुटे नजर आ रहे हैं.
दाखिले की दौड़ के बाद डीयू प्रशासन भी नए छात्रों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है. प्रशासन ने अपने स्तर पर छात्रों के स्वागत की पूरी तैयारी की है.
डीयू प्रशासन ने नए छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कैंपस में जगह-जगह पुलिस टीम का बंदोबस्त किया है. यह पुलिसकर्मी सादी वर्दी में भी लगातार कैम्पस में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा में जुटे नजर आएंगे.
रैगिंग करने वालों और बाहरी मनचलों पर भी डीयू प्रशासन की पैनी नजर है. प्रशासन ने सभी कॉलेजों और पुलिस को भी इस बाबत निर्देश दे दिए हैं कि यदि कोई इस तरह के मामले में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए.
इसके अलावा कॉलेज और हॉस्टल प्रशासनों को भी रैगिंग रोकने संबंधी निर्देश जारी कर दिए हैं.
सभी कॉलेजों में अनुशासन समितियां बनाई गई हैं. वहीं सभी कॉलेजों और हॉस्टलों में कभी भी बिना सूचना दिए औचक निरीक्षण करने की योजना बनाई गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना रोकी जा सके.
डीयू प्रशासन व पुलिस प्रबंधन के साथ कॉलेजों ने भी अपने-अपने स्तर पर नए सत्र के लिए खास इंतजाम किए हैं. चाहे वह कैम्पस कॉलेज हो या फिर ऑफ कैम्पस एंट्री आईकॉर्ड देखकर ही होगी. बाहरी छात्रों का प्रवेश कॉलेज व हॉस्टल परिसर में प्रतिबंधित रहेगा.
छात्रों के लिए ओरियेंटेशन प्रोग्राम का सिलसिला लगातार जारी है और बुधवार को सेंट स्टीफंस कॉलेज, हिन्दू कॉलेज व श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में नए छात्रों को अपने कॉलेज व शिक्षकों को जानने का मौका मिला.
कॉलेज प्रशासन की तैयारियों की बात करें तो अनुशासन बनाए रखने व रैगिंग रोकने के उद्देश्य से जहां तमाम कॉलेजों में एंट्री रैगिंग कमेटी बना दी गई, वहीं दूसरी ओर कई कॉलेजों ने अपने यहां सीसीटीवी रिकॉर्डिग का भी इंतजाम किया है.

