रामदेव के आंदोलन को धार देगा संघ
4:44 pm
नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। काला धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामदेव का आंदोलन फिर से शुरू होगा और इस बार उन्हें मैदान छोड़कर भागना भी नहीं पड़ेगा। इस बार उनके पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का समर्थन ही नहीं, बल्कि रणनीति भी होगी। इसकी मुख्य भूमिका विश्व हिंदू परिषद निभाएगी जो इस आंदोलन में रामदेव के साथ संत शक्ति को खड़ा करेगी और राजनीतिक लड़ाई के लिए उन्हें आंदोलन के गुर भी सिखाएगी। इस सबके बावजूद विहिप रामदेव के व्यावसायिक मामलों से पूरी तरह दूरी बनाए रखेगी।
बाबा रामदेव के रामलीला मैदान अनशन पर पुलिसिया कार्रवाई और उनके मैदान छोड़ कर भागने को संघ रणनीतिक असफलता मानता है। चूकि उस समय संघ रामदेव को समर्थन तो कर रहा था, लेकिन तेजी से घट रहे राजनीतिक घटनाक्रम में मुख्य रणनीतिक भूमिका में नहीं था, इसलिए इस आंदोलन को झटका लगा। संघ आंदोलन के समय को भी सही नहीं मानता है। सूत्रों के अनुसार अब आंदोलन का नया चरण सितंबर के आसपास शुरू होगा, तब तक विहिप संतों की ताकत भी इस आंदोलन के साथ जोड़ लेगी।
विहिप की आने वाली बैठकों में अन्य मुद्दों के साथ रामदेव का आंदोलन भी प्रमुख रूप से छाया रहेगा।
विहिप के प्रन्यासी मंडल की 2-3 जुलाई को प्रयाग में होने वाली बैठक और उसके बाद 7 जुलाई को दिल्ली में होने वाली संतों के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक के एजेंडा में यह मुद्दा शामिल है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में रामदेव को मुखिया बना कर बाकी संतों को उनके समर्थन में खड़ा किया जाएगा। हालांकि इसके लिए विहिप को काफी मेहनत करनी पड़ रही है। इधर बजरंग दल भी इस आंदोलन को गति देने के लिए अपनी ताकत झोंकेगा। उसकी 10 जुलाई को बड़ोदरा में होने वाली बैठक में इस बारे में विचार होगा।

