जस्सीपुरा : हॉस्पिटल मे जिंदा व्यक्ति का भर दिया गया पंचनामा
2:09 pm
जस्सीपुरा मोड़, आंखो देखी न्यूज़ : जिला एमएमजी हॉस्पिटल में उस वक्त लापरवाही की हद हो गई, जब एक जिंदा व्यक्ति का पंचनामा भर दिया गया। मामला इतने तक ही निपट जाता तो गनीमत थी, लेकिन हॉस्पिटल की ओर से जिंदा व्यक्ति के घर पर उसकी मौत की सूचना दी गई। जब उस व्यक्ति के पिता अपने बेटे की लाश लेने मॉरचरी पहुंचे तभी उनके बेटे की कॉल आई कि वह जिंदा है। दरअसल, हॉस्पिटल के स्टाफ ने जिस व्यक्ति को अपनी रिपोर्ट में मार दिया था, वह व्यक्ति घायल अवस्था में हॉस्पिटल से भाग गया था। उसके खाली बेड पर एक ऐसे मरीज को लिटा दिया गया, जो इलाज के दौरान मर गया।
यह है मामला
खेरा सिरयावा संत कबीरनगर निवासी प्रकाश (20) 12 जुलाई को ट्रेन से गिरकर घायल हो गया था। जीआरपी ने उसे गंभीर अवस्था में जिला एमएमजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। 15 जुलाई की रात प्रकाश हॉस्पिटल से गायब हो गया। इस बात की भनक हॉस्पिटल के स्टॉफ को नहीं लगी। देर रात हॉस्पिटल के स्टाफ ने प्रकाश के खाली बेड पर एक अज्ञात व्यक्ति (35) को लेटा दिया। इस व्यक्ति ने जहर खा लिया था। कुछ देर बाद अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई।
ईएमओ डॉ. मुध चंद्रा ने अगले दिन सुबह जीआरपी को प्रकाश की मौत की सूचना दी। जीआरपी के एसआई धर्मेंद्र पंचनामा भरने के लिए हॉस्पिटल पहुंच गए। उन्होंने शव को देखकर कहा कि शव प्रकाश का नहीं किसी और व्यक्ति का लग रहा है। हॉस्पिटल के स्टॉफ और डॉक्टर ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। उसके बाद जीआरपी ने पंचनामा भरकर शव को मॉरचरी भेज दिया। साथ ही प्रकाश के परिवार को फोन पर सूचना दी गई कि उसकी उपचार के दौरान हॉस्पिटल में मौत हो गई है। पोस्टमॉर्टम होने वाला है। इस सूचना से प्रकाश के घर में मातम छा गया। प्रकाश के पिता नन्हेंलाल 17 जुलाई को मॉरचरी पहुंचे। इस दौरान प्रकाश भी अपने घर पहुंच गया। उसकी मां ने उसे देखकर कहा कि तू जिंदा है। तेरा पिता तेरी लाश लेने के लिए गाजियाबाद गए हैं।
प्रकाश ने अपने पिता नन्हेंलाल को फोन पर अपने जिंदा होने की बात बताई। नन्हेंलाल ने यह बात जीआरपी को बताई। जीआरपी ने डॉक्टरों को प्रकाश के जिंदा होने की जानकारी दी, जिससे हॉस्पिटल में हड़कंप मच गया। हॉस्पिटल प्रशसान ने जीआरपी को दूसरा पंचनामा भरने के लिए कहा। जीआरपी ने इंकार कर दिया। हॉस्पिटल की ओर से गलती लिखकर भेजी गई, उसके बाद कोतवाली पुलिस को अज्ञात व्यक्ति के मरने की बाबत मीमो भेज गया। घटना का भेद खुलने के बाद हॉस्पिटल प्रशासन ने पहले तो मामले को छुपाने का प्रयास किया, बाद में सीएमएम डॉ. ए.के. वर्मा ने मामले की सूचना डीएम को दी। मामले की जांच का आदेश दिया गया है।

