नई दिल्ली : संजय दत्त को राहत,
मनोरंजन 1:38 pm
नई दिल्ली, आँखों देखी संवाददाता : 1993 के मुंबई विस्फोट मामले में संजय दत्त की जमानत निरस्त करने की अपील संबंधी फिल्मकार शकील नूरानी की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दी।
नूरानी और दत्त के बीच वित्तीय लेन-देन संबंधी विवाद चल रहा है। इसी संबंध में नूरानी ने न्यायालय में दस्तक देते हुए आरोप लगाया था कि उन्हें दत्त के कहने पर अंडरवर्ल्ड की ओर से धमकिया मिल रही हैं।
याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और न्यायमूर्ति बी एस चौहान की पीठ ने कहा कि आप लेन-देन संबंधी अपने विवाद को सुलझाने के लिए किसी आपराधिक मामले में इस अदालत का सहारा नहीं ले सकते।
पीठ ने कहा कि निर्माता मुंबई विस्फोट आपराधिक मामले में कैसे जुड़ा है? आप एक प्राथमिकी दायर कीजिए। हम आपकी याचिका को खारिज कर रहे हैं।
नूरानी की ओर से पेश वकील संजय हेगड़े ने अपील की कि पीठ उनकी याचिका को सुने। उन्होंने कहा कि नूरानी ने पहले से प्राथमिकी दर्ज की हुई है, लेकिन उसके बारे में कुछ नहीं किया गया। हेगड़े ने अपने मुवक्किल की ओर से कहा, 'मुझे अंडरवर्ल्ड की ओर से जान का खतरा है और मैंने इस मामले में पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर दी है।'
दत्त को 2007 में जमानत मिली थी। दत्त ने मुंबई बम विस्फोट मामले में खुद को दोषी ठहराए जाने को चुनौती दी थी।
न्यायालय के सामने दायर अपनी याचिका में नूरानी ने आरोप लगाया था कि उसे दत्त की ओर से अंडरवर्ल्ड के धमकी भरे फोन आ रहे हैं। फोन करने वाले ने कहा कि नूरानी बंबई हाई कोर्ट में दत्त के खिलाफ दायर दीवानी मुकदमा वापस ले ले।
दत्त ने नूरानी द्वारा 2001 में शुरू हुई एक फिल्म को पूरा करने से इंकार कर दिया था, इसके बाद नूरानी ने हाई कोर्ट में यह मुकदमा दायर किया था। उसने दावा किया कि फिल्म के पूरा नहीं होने से उसे भारी नुकसान पहुंचा है।
नूरानी की ओर से दायर मुकदमे पर कार्रवाई करते हुए अदालत ने दिसंबर 2010 में दत्त के पाली हिल्स स्थित घर और साताक्रूज स्थित कार्यालय को कुर्क करने का आदेश दिया था।

