एक स्कूल मे एक टीचर, एक बच्चा
रोचक खबर, विशेष 7:08 pm
एक स्कूल, एक टीचर और एक विद्यार्थी.यही है सरकारी स्कूल की कड़वी सच्चाई। बेशक राज्य सरकार शिक्षा के सुधार पर करोड़ों खर्च कर रही है। जागरूकता के लिए सर्व शिक्षा अभियान का सहारा लिया है। बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए मिड डे मील का प्रबंध है, लेकिन फिर भी प्रेम नगर के स्कूल से किसी को प्यार नहीं।
दो कमरों के इस स्कूल में सिर्फ एक बच्चा पढ़ता है। विडंबना तो यह है कि इस स्कूल के दूसरे कमरे में मजदूरों का कब्जा है और मैदान पशुओं के तबेले में तब्दील हो चुका है।
गांव दौधर के प्रेम नगर में चल रहे सरकारी प्राइमरी स्कूल में सिर्फ दो कमरे हैं। पढ़ाने के लिए एक मुख्याध्यापिका और पढ़ने के लिए सिर्फ एक बच्चा है। स्कूल अव्यवस्थाओं से घिरा है। स्कूल की साफ-सफाई के लिए कोई कर्मचारी नहीं है। यहां न तो पीने के पानी का प्रबंध है और न ही शौचालय है। मिड डे मील बनाने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। स्कूल के एक कमरे में मजदूरों ने कब्जा जमा रखा है। मैदान को पशुओं का तबेला बना दिया गया है। यही नहीं मैदान में खेतीबाड़ी का औजार व अन्य सामान पड़ा है। स्कूल की मुख्यध्यापिका इंद्रजीत कौर ने कहा कि वह मजदूरों को कमरा खाली करने के लिए कई बार कह चुकी हैं, परंतु इन पर कोई असर नहीं होता।
इस संबंध में स्कूल की कमेटी के चेयरमैन से संपर्क करना चाहा तो विदेश में होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका। पसवक कमेटी के सदस्य चमकौर सिंह ने कहा कि इन मजदूरों को वह भी कई बार कह चुके हैं, लेकिन इन पर कोई असर नहीं हुआ। मैदान में बंधे पशु व पड़े कृषि औजार के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसको जल्द ही हटवा लिया जाएगा।
उधर, जिला शिक्षा अधिकारी [एलिमेंटरी] बलदेव सिंह ने कहा कि उक्त मामला अभी उनके ध्यान में लाया गया है। ऐसे में वह मामले की जांच करेंगे। अगर स्कूल में नाममात्र बच्चे पाए गए तो स्कूल का नजदीकी स्कूल विलय कर दिया जाएगा।

