टाइट जीन्स पहनने से नहीं हो सकता बलात्कार
दुनिया, रोचक खबर, विशेष 12:08 pm
“अगर किसी महिला ने स्किन टाइट जीन्स पहनी हो, तो उसके साथ बलात्कार नहीं हो सकता। इतना ही नहीं, बलात्कार की शिकायत करने वाली लड़की अगर घटना के वक्त स्किन टाइट जीन्स पहने हुए थी, तो उसकी शिकायत पर आसानी से भरोसा नहीं किया जा सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि स्किन टाइट जीन्स को लड़की की रज़ामंदी के बिना उसके शरीर से अलग नहीं किया जा सकता। लिहाजा, अगर जीन्स उतारकर सेक्स किया गया है, तो उसमें लड़की की रज़ामंदी को शामिल मानना चाहिए।”
ये बेतुकी और बेहूदा दलील हमारी नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत ने यही दलील देते हुए बलात्कार के एक मामले को खारिज कर दिया और बलात्कार के आरोपी को बाइज़्ज़त बरी कर दिया।
सिडनी की ज़िला अदालत ने बलात्कार का आरोप लगाने वाली 24 साल की युवती के आरोपों को खारिज करते हुए वही सारे तर्क दिए, जो हम आपको ऊपर बता चुके हैं। हैरानी की बात ये है कि इंसाफ के नाम पर मज़ाक करने वाला ये फैसला जिस अदालत ने सुनाया उसकी ज़ूरी में 6 पुरुषों के अलावा 6 महिलाएं भी शामिल थीं। फिर भी ज़ूरी ने बलात्कार के आरोपी की सफाई को सिर्फ इसलिए सच मान लिया, क्योंकि शिकायत करने वाली युवती ने घटना के वक्त स्किन टाइट जीन्स पहनी थी।
ज़ूरी ने युवती से पूछा कि वो विस्तार से बताए कि आरोपी ने उसकी जीन्स शरीर से कैसे अलग की।
युवती ने बताया कि आरोपी ने उसे धकेलकर बिस्तर पर गिरा दिया और उसे अपने शरीर के बोझ से दबा दिया। युवती ने बताया कि उसने आरोपी को धकेलकर अलग करने की पूरी कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं कर पाई। जिसके बाद आरोपी ने उसकी जीन्स जबरन खोलकर अलग कर दी और फिर उसके साथ बलात्कार किया।
लेकिन ज़ूरी ने युवती के इस बयान पर भरोसा करने से ये कहते हुए इनकार कर दिया कि स्किन टाइट
जीन्स युवती के साथ दिए बिना उसके शरीर से अलग की ही नहीं जा सकती थी। बचाव पक्ष के वकील की जिरह के दौरान भी युवती ने कहा कि वो महज 42 किलो की दुबली-पतली लड़की है, लिहाजा जीन्स को पहनने-उतारने में उसे कोई मुश्किल नहीं होती। लेकिन ज़ूरी ने फिर भी उसकी बात पर यकीन नहीं किया और बलात्कार के आरोपी युवक को बरी कर दिया।
सिडनी की ज़िला अदालत के इस अजीबो-ग़रीब फैसले की पूरे ऑस्ट्रेलिया में कड़ी आलोचना हो रही है।
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सर्विसेज़ अगेन्स्ट सेक्सुअल असॉल्ट की अध्यक्ष वेरोनिका वेनसिंग ने भी इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। वेनसिंग का कहना है कि बलात्कार के मुकदमों में महिलाओं की ड्रेस को कोई मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। क्योंकि कपड़े चाहे जैसे हों, उन्हें ज़बरदस्ती करके हटाया जा सकता है।

