रुपया डॉलर के मुकाबले 52.50 के रिकार्ड निचले स्तर पर
ताजा खबरें, व्यापार 1:28 pm
अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया आज मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 35 पैसे लुढ़ककर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 52.50 प्रति डालर पर आ गया.
बैंकों और आयातकों की सतत डालर मांग से रुपए की धारण प्रभावित हुई.अन्य मुद्राओं की तुलना में डालर की मजबूती से भी रुपए पर असर पड़ा.
कल के सत्र में रुपया 81 पैसे की भारी गिरावट के साथ 33 माह के निचले स्तर 52.15..16 प्रति डालर पर बंद हुआ था.
बैंकों और आयातकों की डालर मांग से रुपए में गिरावट आई थी.
गिरावट परेशान करने वाली: रिज़र्व बैंकभारतीय रिज़र्व बैंक ने कहा है कि रुपये में भारी गिरावट परेशान करने वाली बात है. आरबीआई ने कहा है कि गिरावट के सिलसिले को थामने के लिए किसी भी तरह का कदम मध्यम अवधि के आधार पर तय होगा.
रिज़र्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने मंगलवार 22 नवंबर को कहा, ‘‘हमारे मन में कोई लक्ष्य या दर नहीं है. यह बाजार की स्थिति के अनुरूप घूम रहा है. यह परेशान करने वाला है, इसमें कोई संदेह नहीं है. इससे खासकर हमारे ऊर्जा आयात बिल पर असर पड़ेगा. इसका कंपनियों पर असर पड़ेगा.’’
रुपये में गिरावट का सिलसिला पिछले कुछ समय से बना हुआ है. मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अपने ऐतिहासिक निचले स्तर 52.73 प्रति डॉलर पर आ गया.
केंद्रीय बैंक द्वारा रुपये में गिरावट का थामने के लिए किसी तरह के कदम के बारे में पूछे जाने पर गोकर्ण ने कहा, ‘‘हम जो भी कदम उठाएंगे, तो हमें यह ध्यान रखना होगा कि आगे चलकर उसका असर पड़ेगा. इसलिए अपनी कार्रवाई में संतुलन रखना होगा.’’
गोकर्ण ने कहा कि किसी भी तरह का कदम उठाते समय मध्यम अवधि के जोखिमों का ध्यान रखना होगा.
उन्होंने कहा कि रुपये के मूल्य में गिरावट का तत्कालिक असर महंगाई की दर पर पड़ेगा, जो पिछले कई माह से दो अंक के स्तर के करीब बनी हुई है.
हालांकि रिज़र्व बैंक लगातार यह कह रहा है कि विनिमय दर बाजार आधारित होगी. लेकिन रुपये जिस तरह के उतार-चढ़ाव आ रहा है उससे केंद्रीय बैंक चिंतित है.
गोकर्ण ने कहा, ‘‘उतार-चढ़ाव एक अलग बात है. पर जिस तेजी से यह हो रहा है वह परेशान करने वाला है. हम नहीं जानते कि यह कहां जा रहा है, पर हमें इसे देखना होगा.’’

