फिर से राष्ट्रीय लोक दल का दमन थाम सकते हैं रशीद मसूद
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रालोद के साथ जाने की अपनी योजना की बात मसूद खुलकर स्वीकार नहीं करते, लेकिन वह इतना जरूर मानते हैं कि रालोद प्रमुख अजीत सिंह के लगातार संपर्क में हैं और हाल के दिनों में उनसे कई मुलाकात कर चुके हैं। मसूद ने कहा, मैं फिलहाल सपा में हूं और इसका कल्याण कर रहा हूं। यह बात सही है कि मैं अजीत सिंह से कई बार मिला हूं और उनके संपर्क में भी हूं। रालोद में जाने के सवाल पर मैं अभी कुछ नहीं कहूंगा।
उधर, पूर्व केंद्रीय मंत्री मसूद के एक करीबी ने बताया, रशीद मसूद ने हाल के दिनों में कई बार अजीत सिंह से मुलाकात की है। वह रालोद में जाने वाले हैं, जहा उन्हें महासचिव का पद मिलेगा। राज्यसभा की सदस्यता खोने का जोखिम वह नहीं उठा पा रहें हैं और इसी कारण उनके सपा छोड़ने में देरी हो रही है। उधर, मसूद के भतीजे और विधायक इमरान मसूद ने कहा, मैं रालोद में जा रहा हूं। अपने चचा [मसूद] के बारे में मैं अभी कुछ नहीं कह सकता हूं। मुझे उनकी पूरी हिमायत हासिल है। इस पूरे मामले पर रालोद कुछ भी खुलकर नहीं बोल रहा है। पार्टी के नेता शाहिद सिद्दीकी ने मसूद के रालोद में शामिल होने की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर कहा, उनकी मुलाकात अजीत सिंह से हुई होगी। वह एक वरिष्ठ नेता हैं। फिलहाल उनके पार्टी में आने के बारे में कोई जानकारी मेरे पास नहीं है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और आसपास के इलाकों में प्रभाव रखने वाले मसूद ने समाजवादी सुधार समिति के नाम से एक संगठन बनाया है और इसके जरिए वह सपा के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा में कोई नेतृत्व नहीं हैं। पार्टी खत्म हो रही है। मैंने इस पार्टी के लिए बहुत मेहनत की है और आज मेरी कोई नहीं सुन रहा है।
पिछले दिनों मसूद ने आरोप लगाया था कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव में अब फैसला करने की कूवत नहीं रही। मसूद की नाराजगी सपा नेता आजम खान को लेकर भी है, जो विधानसभा चुनाव के लिए कथित तौर अपने लोगों को टिकट बांट रहे हैं।

