राहुल केंद्र सरकार पर दिखाएं अपना गुस्सा: मायावती
उत्तर प्रदेश, राजनीति, राष्ट्रीय 4:14 pm
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है.
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने राज्य में केन्द्र द्वारा आबंटित धन के कथित दुरुपयोग पर गुस्से का इजहार करने वाले कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर प्रहार करते हुए आज कहा कि उन्हें तरह-तरह की ‘नाटकबाजी’ करने के बजाय प्रदेश की उपेक्षा करने के लिये केन्द्र पर गुस्सा उतारना चाहिये.
मायावती ने उत्तर प्रदेश विकलांग उद्धार डाक्टर शकुंतला मिश्र विविद्यालय समेत अनेक विकास परियोजनाओं के लोकार्पण तथा उद्घाटन अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा ‘‘मेरा कांग्रेस के युवराज (राहुल) से यह कहना है कि उन्हें प्रदेश में वोट की राजनीति के लिये तरह-तरह की नाटकबाजी तथा गलत बयानबाजी करके गुस्सा जाहिर करने के बजाय दिल्ली में यह गुस्सा दिखाना चाहिये.’’
उन्होंने कहा ‘‘प्रदेश का सांसद होने के नाते राहुल गांधी को केन्द्र पर दबाव डालकर विभिन्न योजनाओं की मद में राज्य को मिलने वाली बकाया धनराशि दिलानी चाहिये. इसके अलावा उन्हें महंगाई तथा पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को कम कराने में भी मदद करनी चाहिये.’’
मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘लेकिन दुख की बात यह है कि जनहित के मामलों में कांग्रेस के युवराज को न तो कभी गुस्सा आता है और न ही इन बातों पर उनका ध्यान जाता है.’’
उन्होंने कहा ‘‘रोजी-रोटी के लिये कांग्रेस शासित राज्यों महाराष्ट्र और दिल्ली जाने वाले बिहार तथा उत्तर प्रदेश के निवासियों के साथ तरह-तरह का जुल्म होता है. एक अन्य कांग्रेस शासित राज्य हरियाणा के मिर्चपुर में दलितों को उजाड़ा गया लेकिन फिर भी कांग्रेस के युवराज को अपनी पार्टी की इन सरकारों पर गुस्सा नहीं आया.’’
गौरतलब है कि राहुल ने हाल में पूर्वी उत्तर प्रदेश के अपने दौरे के दौरान ग्रामीणों से बातचीत में राज्य सरकार पर केन्द्र से मिली धनराशि का सही उपयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हें इन बातों पर गुस्सा आता है.
मायावती ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के लम्बे शासनकाल में गरीबों और दलितों पर जुल्म किये गए तथा कई जनप्रतिनिधियों का खून भी बहाया गया लेकिन कांग्रेस उसे कानून का शासन मानती है जबकि प्रदेश की मौजूदा बसपा सरकार हर मामले में दलगत राजनीति की भावना से ऊपर उठकर न्याय दिला रही है तो उसे जंगलराज बताया जा रहा है. इस सरकार पर कोई भी टीका-टिप्पणी करना कांग्रेस को शोभा नहीं देता.
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के साथ-साथ अन्य विरोधी पार्टियों को भी घेरते हुए कहा ‘‘कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियां मेरी सरकार पर खासकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का झूठा आरोप लगाती हैं. इसमें हमें सोची समझी राजनीतिक साजिश नजर आती है.’’
उन्होंने कहा ‘‘सभी विरोधियों को मालूम है कि प्रदेश में हर स्तर पर फैली भ्रष्टाचार की बीमारी हमें पिछली सरकारों से विरासत में मिली है. हमारी सरकार इस बीमारी को दूर करने में लगी है. इसके कई प्रमाण भी आपके सामने हैं. जब किसी मंत्री या अधिकारी के खिलाफ मामले सामने आए हैं तो सख्त कार्रवाई की गई.’’
मायावती ने कहा ‘‘हमारी सरकार ने विभिन्न मामलों में उच्च न्यायालय के फैसलों को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने के बजाय कार्यवाही करने को तरजीह दी. हमने एनआरएचएम तथा कुछ अन्य मामलों से सम्बन्धित दस्तावेज केन्द्रीय जांच एजेंसी को यह जानते हुए भी सौंप दिये हैं कि विरोधी पार्टियां राजनीतिक लाभ के लिये इसका इस्तेमाल कर सकती हैं. फिर भी मुझे यकीन है कि जनता मुझ पर विास बनाए रखेगी.’’
मुख्यमंत्री ने विपक्षी पार्टियों द्वारा निकाली जा रही यात्राओं पर हमला करते हुए कहा ‘‘हमें बदनाम करने में नाकाम होने पर विपक्षी पार्टियां तरह-तरह की यात्राएं निकालकर जनता को बरगलाने की कोशिश कर रही हैं.’’
उन्होंने प्रदेश में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और योग गुरु बाबा रामदेव की यात्राओं की तरफ इशारा करते हुए कहा ‘‘अपनी यात्राओं से मंसूबे पूरे नहीं होते देख विपक्षी पार्टियां पर्दे के पीछे बाबाओं की यात्राएं निकलवा रही हैं. इसके अलावा फिल्मी कलाकारों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. उनके इन हथकंडों के इस्तेमाल के बावजूद जनता गुमराह होने वाली नहीं है.’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधी पार्टियां उनकी सरकार पर राजकीय कोष के ज्यादातर हिस्से को स्मारकों और पाकरे पर खर्च करने का मिथ्या आरोप लगा रही हैं. हकीकत यह है कि सरकार के वार्षिक बजट की एक प्रतिशत से भी कम धनराशि ही पाकरे पर खर्च हो रही है.
उन्होंने कहा कि इन पाकरे तथा स्मारकों को देखने के लिये आने वाले पर्यटकों की भीड़ को देखकर विरोधी पार्टियों को यह मालूम हो जाना चाहिये कि इन पाकरे के प्रति जनता में कितनी आस्था है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही इन पाकरे के भ्रमण के लिये टिकटों की बिक्री से उनके निर्माण पर हुए खर्च से ज्यादा धनराशि वापस मिल जाएगी जिसे गरीबों पर खर्च किया जाएगा.

