वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डी.डी. मिश्रा को नजरबंद किया गया है: विपक्षी दल उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश, क्षेत्रीय, ताजा खबरें 10:15 am
ताकि वह आगे सरकार के भ्रष्टचार का और खुलासा न कर पाएं.
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, "जब से मिश्रा को अस्पताल से छुट्टी दी गई है तब से न उन्हें और न ही उनके परिवार को मीडिया से बात करने दिया जा रहा है."
उन्होंने कहा, "मायावती सरकार को भय है कि कहीं मिश्रा आगे उनके भ्रष्ट कारमानों का खुलासा न कर दें इसलिए उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया है. मिश्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच उच्च न्यायालय के किसी न्यायमूर्ति या केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए."
अग्निशमन विभाग में पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मिश्रा ने गत शुक्रवार को एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में मायावती सरकार को भ्रष्टाचार में डूबी सरकार करार दिया था.
इसके बाद सरकार ने उन्हें मानसिक रूप से बीमार करार देकर जबरन राजधानी के छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय में भर्ती करा दिया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बाई-पोलर डिसआर्डर से पीड़ित करार दिया था. मिश्रा को मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी दे गई.
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, "हमें ऐसा लगता है कि मिश्रा राज्य सरकार के भ्रष्टाचार के कई सारे राज जानते हैं, जिनका खुलासा होने पर हड़कम्प मच सकता है. वह राज जाहिर न कर दें इसलिए उन्हें घर में नजरबंद रखा जा रहा है."
उधर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने संवाददाताओं से कहा, "मिश्रा के आरोपों को झूठ करार देने के हर सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं. रणनीति के तहत सरकार किसी से मिलने नहीं दे रही है."
उन्होंने कहा, "जब भी कोई अधिकारी मायावती सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे और उसके परिवार को मीडिया के सामने नहीं आने दिया जाता. मिश्रा और उनके परिवार के साथ भी यही हुआ है"
उधर गोमतीनगर स्थित मिश्रा के आवास पर तैनात पुलिसकर्मी किसी स्थानीय पत्रकार को न तो उनसे और न ही उनके परिवार से मिलने दे रहे हैं. पुलिसकर्मियों ने कहा कि मिश्रा और उनके परिवार का कहना है कि वे लोग मीडिया से बात नहीं करना चाहते हैं.

