सोने को मजबूर करता है "एबीसीसी9 जीन" जीन में हेर-फेर
ताजा खबरें, विज्ञान 1:31 pm
एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि एबीसीसी9 नामक जीन में हेर-फेर इस बात को बता सकता है कि कुछ लोग आंखें बंद कर नींद की आगोश में क्यों पड़े रहते हैं.
हर पांच यूरोपिय लोगों में से एक में एबीसीसी9 जीन की हेरफेर होती है. यह शरीर में कोशिकाओं के उर्जा स्तर को भांपने का काम करता है.
अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक इस जीन की हेरफेर वाले लोग अन्य व्यक्तियों की तुलना में हर रात करीब 30 मिनट ज्यादा सोते हैं.
इन खोजों से जीन की हेराफेरी से सोने की अवधि पर होने वाले प्रभाव से जुड़े भविष्य के अध्ययनों में मदद मिलेगी.
जर्नल मॉलेकुलर साइकियाट्री में प्रकाशित अध्ययन के लिए वैज्ञानिकों ने फ्रूट फ्लाई के जीन और इंसानों के सोने की शैली का अध्ययन किया.
वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन मक्खियों में एबीसीसी9 जीन की हेराफेरी नहीं होती वे अन्य की तुलना में तीन घंटे कम सोती हैं जबकि जिन इंसानों में ये होते हैं वे आठ घंटे के ‘औसत’ से ज्यादा सोते हैं.
