मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के लिए 490 मिसाइलों की खरीद को मिली मंजूरी
ताजा खबरें, राष्ट्रीय 9:48 am
देश की सर्वोच्च सुरक्षा समिति ने बुधवार को वायु सेना के 51 मिराज-2000 लड़ाकू विमानों में लगाने के लिए 490 हवा से हवा में मार करने वाले प्रक्षेपास्त्रों की खरीद के 1.23 अरब डॉलर के एक सौदे को मंजूरी दे दी.
रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने सौदे पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी दी.
सौदे के तहत फ्रांस की कम्पनी एमबीडीए 450 एमआईसीए इंटरसेप्टर और एरियल लड़ाकू पक्षेपास्त्रों की आपूर्ति करेगी. यह सौदा भारतीय वायु सेना के मिराज लड़ाकू विमानों को उन्नत करने की योजना के दूसरे चरण का ही एक हिस्सा है.
इन प्रक्षेपास्त्रों को मिराज में लगाने का काम फ्रांस की ही एक दूसरी रक्षा कम्पनी थेल्स करेगी.
अधिकारियों के मुताबिक सौदे को हालांकि मंजूरी मिल गई है, लेकिन वास्तविक हस्ताक्षर होने में करीब एक महीना लगेगा.
सौदे के प्रावधानों के तहत एमबीडीए सौदे की राशि का एक तिहाई हिस्सा यानी 36 करोड़ डॉलर वापस भारत के रक्षा, उड्डयन और राष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र में निवेश करेगी.
सरकार ने पिछले साल फ्रांस की रक्षा कम्पनियों थेल्स और दसॉल्ट के साथ मिराज को उन्नत करने के लिए 2.4 अरब डॉलर का एक समझौता किया था.
इस समझौते के तहत दो विमानों का उन्नयन फ्रांस में दसॉल्ट की ओर से किया जाएगा. इसके बाद दो अन्य विमानों का उन्नयन भारत में फ्रांस के सहयोग से किया जाएगा.
इसके बाद शेष सभी 47 लड़ाकू विमानों का उन्नयन हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड करेगी. मिराज के पूरे बेड़े के उन्नयन में नौ सालों का वक्त लगेगा. पहले दो विमान उन्नयन के लिए पहले ही फ्रांस पहुंच चुके हैं.
हाल ही में रक्षा मंत्री एके एंटनी ने संसद में कहा था कि मिराज का उन्नयन 2021 के मध्य तक पूरा होगा.

