ममता बनर्जी ने सादगी से मनाया अपना 57वा जन्मदिन
अन्य राज्य, ताजा खबरें, राष्ट्रीय 10:09 am
सहयोगी दल कांग्रेस के साथ चल रही खींच-तान के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने सादगी से अपना जन्मदिन मनाया.
विभिन्न पाटियों के नेता और समर्थक बधाई देने के लिए ममता के आवास पर एकत्र हुए.जन्मदिन अत्यंत सादगी से मनाया गया, क्योंकि कुछ ही दिनों पहले ममता की मां का देहांत हो गया था.
सादगी भरा जीवन जीने में विश्वास रखने वाली ममता ने कभी भी अपना जन्मदिन ताम-झाम के साथ नहीं मनाया है.पश्चिम बंगाल के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा, ‘दीदी अपना जन्मदिन अन्य नेताओं की तरह मनाना पसंद नहीं करती हैं. ममतादी के लिए यह दिन अन्य दिनों की तरह ही होता है.’
मई 2011 के विधानसभा चुनाव में 34 साल से सत्ता पर काबिज वाममोर्चा सरकार को पराजित करने के बाद ममता का यह पहला जन्मदिन है.
यह पहला अवसर है जब ममता अपना जन्मदिन अपनी मां गायत्री बनर्जी की अनुपस्थिति में बिता रही हैं. वह मां जिन्होंने हमेशा एक स्तम्भ की तरह उन्हें मजबूती दीं. गायत्री अधिक उम्र होने जाने के कारण अक्सर बीमार रहा करती थीं. पिछले महीने उनका देहांत हो गया.
ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस केंद्र में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की एक महत्वपूर्ण घटक भी है.
ममता का जन्म गायत्री और स्वतंत्रता सेनानी प्रोमिलेश्वर बनर्जी के घर पांच जनवरी 1955 को कोलकाता में हुआ था. ममता का बचपन और किशोरावस्था तो मौज-मस्ती भरा रहा, लेकिन युवावस्था में पिता को खोने के बाद उन्हें कठिन दौर से गुजरना पड़ा. घर का खर्च जुटाने के लिए उन्होंने दूध की एक दुकान में काम किया. वह लोगों के घर जाकर दूध पहुंचाया करती थीं.
1970 के दशक में कांग्रेस की छात्र इकाई ‘छात्र परिषद' की नेता के रूप में उन्होंने राजनीतिक जीवन में कदम रखा.
कानून और शिक्षण में डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने कला विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की. राजनीतिक जीवन के शुरुआती दिनों में सुब्रत मुखर्जी उनके सलाहकार रहे जो अब तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों में से एक हैं.
ममता 1997 में कांग्रेस से अलग हुईं और एक जनवरी 1998 को उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का गठन किया.
