प्रधानमंत्री से सैन्य प्रतिनिधिमंडल की चीन यात्रा निरस्त कराने की मांग
ताजा खबरें, राजनीति, राष्ट्रीय 10:27 am
भाजपा ने रविवार को कहा है कि चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश से वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी को वीजा नहीं देने के बाद भी इस फैसले पर आगे बढ़ना भारतीय सैनिकों का अपमान है. मालूम हो कि चीन ने वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी को वीजा देने से इंकार कर दिया था.
सरकार के फैसले को स्तब्धकारी बताते हुए पार्टी प्रवक्ता तरुण विजय ने कहा कि क्या चीन भारत की विदेश नीति तय करेगा.
उन्होंने कहा कि क्या चीन अब हमारे सशस्त्र बलों से संबंधित नीति को प्रभावित करेगा. अरुणाचल प्रदेश के भारतीय सैनिकों के लिए यह अपमान की बात है. इससे क्षेत्र के अन्य अधिकारियों का मनोबल गिरेगा.
भाजपा प्रवक्ता ने थलसेना प्रमुख वी के सिंह के आयु संबंधी विवाद पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि सरकार न केवल थलसेना प्रमुख का अपमान करती है बल्कि सैनिकों को भी अपमानित करती है. इस सरकार में भारतीय सैनिकों का अपमान हो रहा है। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री को इसमें सुधार करना चाहिए.
तरुण विजय ने सवाल उठाया कि जब चीन अरुणाचल प्रदेश के किसी अधिकारी को वीजा नहीं देता तो हमें वहां अपने प्रतिनिधिमंडल को क्यों भेजना चाहिए. कल यदि हमारे प्रधानमंत्री अरुणाचल प्रदेश से हों और चीन उन्हें वीजा देने से इनकार कर देता तो है क्या हम प्रधानमंत्री के बिना वहां प्रतिनिधिमंडल भेजेंगे?
भाजपा नेता के मुताबिक उन्होंने रविवार सुबह रक्षा मंत्री ए के एंटनी से बातचीत की और उन्होंने सोमवार को मिलने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि संभवत: रक्षा मंत्री के पास इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है.
विजय ने कहा कि विदेश मंत्री एस एम कृष्णा के विशेष कार्याधिकारियों ने उन्हें बताया कि अधिकारी को इसलिए नहीं शामिल किया गया क्योंकि चीन अरुणाचल प्रदेश के नागरिकों को नत्थी किया हुआ वीजा देता है जिसे भारत नहीं स्वीकार करता.

