कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते आसिफ अली जरदारी की मेहमाननवाजी में
ताजा खबरें, राजनीति, राष्ट्रीय 11:08 am
भारत की निजी यात्रा पर आ रहे पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की मेहमाननवाजी में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं.
अपने सरकारी आवास सात, रेस कोर्स रोड पर दोपहर के भोज में जरदारी को लजीज व्यंजन खिलाने के बाद प्रधानमंत्री उनसे जहां भारत-पाक संबंधों को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श करेंगे. वहीं 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कैफियत भी तलब करेंगे.
पाक राष्ट्रपति के साथ बिलावल भुट्टो जरदारी भी आ रहे हैं. खाने की मेज पर उनके साथ कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी बैठ सकते हैं. विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, बिलावल ने राहुल से मुलाकात की इच्छा जताई है. दोनों नेताओं के बीच बातचीत वैसे तो द्विपक्षीय मुद्दों पर ही केंद्रित रहने की संभावना है लेकिन प्रधानमंत्री मुंबई हमले के मास्टरमांइड हाफिज सईद का मुद्दा उठा सकते हैं.
हाफिज को लेकर पाक प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के वयान पर भारत में तीखी प्रतिक्रिया है. बातचीत के दौरान मनमोहन सिंह राष्ट्रपति जरदारी को भारत द्वारा हाफिज सईद को लेकर सौंपे गए सबूतों की एक बार फिर याद दिला सकते हैं. गृहमंत्री पी चिदंबरम जरदारी के साथ आ रहे अपने पाकिस्तानी समकक्ष रहमान मलिक को भारत द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों के बारे में जानकारी देंगे. वह पूर्व में मलिक द्वारा दिए गए आासन के बारे में बात करेंगे.
उल्लेखनीय है कि पाक ने आतंकवादियों की आवाज के नमूने मांगे थे. भारत ने उसे वे उपलब्ध कराए थे. उनमें आतंकवादी हमले के दौरान हाफिज सईद की बातचीत और पाक सेना के दो अधिकारियों की आवाज रिकॉर्ड हैं. भारत द्वारा सौंपे गए सबूतों से साफ है कि मुंबई हमले की पूरी साजिश पाकिस्तान में आईएसआई, सेना और आतंकवादियों की मिलीभगत का नतीजा थी.
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका द्वारा सईद पर इनाम घोषित किए जाने से उपजी ताजा परिस्थितियों में भारत इस आतंकवादी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दवाब बनाने का मौका चूकना नहीं चाहता. जरदारी की यात्रा के रूप में भारत को यह मौका मिला है कि वह पाक पर दवाब बनाए और कार्रवाई की बात करे. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने भी प्रधानमंत्री से जरदारी से कड़े शब्दों में बातचीत करने की मांग की है. सूत्रों के अनुसार, खाने के दौरान राहुल और बिलावल के बीच होने वाली बातचीत दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा देने में मददगार होगी.
मेनू में गोश्तबा और डोसा होंगे खास
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा रविवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के सम्मान में दिए जाने वाले दोपहर के भोज में एक से एक लजीज पकवान परोसे जाएंगे. इनमें मुंह में पानी लाने वाला कश्मीरी व्यंजन ‘गोश्तबा’ भी शामिल है. सूत्रों ने बताया कि जरदारी के सम्मान में दिए जा रहे भोज में देश के सभी क्षेत्रों के खास पकवानों का चयन किया गया है.
इसमें स्वाद का विशेष ध्यान रखा गया है. कश्मीर से गोश्तबा को विशेष तव्वजो दी गई है. यह दही की तरी में डूबे मीट के गोले होते हैं और इसे वाजवान का मुख्य हिस्सा माना जाता है. इसी प्रकार दक्षिण से प्रान के साथ ही डोसा और एवियाल (मिक्स वेजीटेबल्स) को चुना गया है. स्टार्टर के तौर पर बड़ा कबाब पेश किया जाएगा. मीठे में जरदारी उत्तरी क्षेत्र की फिरनी और बंगाली संदेश का स्वाद चखेंगे.

